तेलंगाना के निजामाबाद और आसपास के क्षेत्र में बीआरएस की के कविता काफी सक्रिय हैं। वह गांव-गांव जाकर सरकार की योजनाओं के बारे में बता रही हैं। दिल्ली के शराब घोटाले में नाम जुड़ने के कारण वह चर्चा में रही हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों को घेरती हैं। सीएम की बेटी हैं और भाई के साथ प्रचार में लगी हैं। तेलंगाना चुनाव पर उनसे बात की नितिन यादव ने।
इस बार बीआरएस सरकार बनने की कैसी संभावनाएं हैं।
मुझे पूरा भरोसा है बीआरएस की सरकार फिर बनेगी। हम सौ से ज्यादा सीटें जीतेंगे। पार्टी ने काम किया है। केसीआर को जनता पसंद करती है।
विपक्षी दलों का कहना है कि सभी लोगों तक योजनाएं पहुंची ही नहीं।
दूसरे दलों का काम बस कहना है। हमारी सरकार ने 65 लाख किसानों को 72 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। लोगों को दो हजार रुपये पेंशन दी जा रही है। आगे पांच हजार रुपये तक हो सकती है। देश में कहीं बीड़ी श्रमिकों को पेंशन नहीं मिलती, हम दे रहे हैं। डायलिसिस के पेशेंट को पेंशन मिलती है। इन मरीजों को फ्री बस पास दिया जाता है। गरीब महिला के गर्भवती होने पर हर माह सरकारी एंबुलेंस उसके घर जाकर पूरा ध्यान रखती है। बेटी होने पर भी अनुदान है। प्रसव के बाद बच्चों को अंतराष्ट्रीय स्तर उत्पादों वाली किट दी जाती है। कांग्रेस लोगों को वोट बैंक की तरह देखती है और हम परिवार के सदस्य की तरह।
कांग्रेस कहती है कि भाजपा का साथ होने से आपको दिल्ली के शराब घोटाले में राहत मिली
क्या इसीलिए कांग्रेस में सोनिया गांधी और राहुल को राहत मिली है। मैं तो कोर्ट गई हूं और हम न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे। पूरा हिंदुस्तान जानता है कि जहां भी चुनाव होता है, वहां पर मोदी से पहले ईडी पहुंच जाती है। राजस्थान में चुनाव है तो गहलोत के बेटे पर छापा मारा गया। अब तेलंगाना में चुनाव है तो केसीआर की बेटी कविता को फंसाया जा रहा है।
भाजपा ने महिला आरक्षण की बात कही है।
अभी दिया कहां है। बेहतर होता कि अगले लोकसभा चुनाव से ही ऐसा किया जाता लेकिन उन्होंने पहले ही कई शर्तें लगा दी हैं। यदि भाजपा महिलाओं को लेकर गंभीर है तो उन्हें तुरंत फैसला करना चाहिए था। इसीलिए तो हम कह रहे हैं कि यह पोस्ट डेट का चेक है, इसमें सब कुछ लिखा गया है लेकिन तारीख नहीं दी गई है।
यूपी के सीएम ने कहा कि हैदराबाद का नाम भाग्यनगर करेंगे।आप क्या कहेंगी।
नाम से क्या होता है। नाम बदलने से बेहतर है कि वह अपने राज्य को बेहतर बनाने पर काम करें। उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय से हमारे राज्य में कहीं ज्यादा है। ऐसा नहीं है कि यह पहले से था लेकिन हमारी सरकार ने आने के बाद ऐसा किया है। बेहतर हो कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ लोगों के विकास पर काम करें। उनसे पूछा जाए कि वह ऐसा काम क्यों नहीं कर पाए जो केसीआर ने किया है। अगर जनता नाम बदलने के पक्ष में है तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन साथ में विकास भी तो होना चाहिए। बस बयानबाजी करना ठीक नहीं है।
कांग्रेस का कहना है कि बीआरएस, भाजपा और ओवैसी एक साथ हैं।
सोनिया गांधी के खिलाफ भी जांच चल रही है। राहुल और मैडम सोनिया दोनों से पूछताछ की गई थी। जांच अब ठप पड़ी है। तो क्या यह माना जाए कि वह भी भाजपा से मिले हुए हैं। ऐसा नहीं है, कानून अपना काम करता है और उसी हिसाब से फैसले होते हैं। सोनिया गांधी कहती हैं कि हमारा सपना है कि तेलंगाना में हमारा राज हो, हमारे नेता केसीआर कहते हैं कि जनता का राज हो।
आप और आपके भाई अलग-अलग प्रचार कर रहे हैं, केसीआर का उत्तराधिकारी कौन होगा।
देखिए पूरा परिवार जनता के लिए काम कर रहा है। सब अपने-अपने हिसाब से काम कर रहे हैं। हमारे नेता केसीआर ही लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करें यही इच्छा है। ऐसे में अभी यह सवाल ही नहीं उठता कि उत्तराधिकारी कौन होगा। पूरा परिवार एक साथ है।
इंडिया गठबंधन पर क्या कहना है
इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं हैं। इन पांच राज्यों के चुनाव के बाद झगड़ा शुरू हो जाएगा। राज्यों में एक दूसरे के खिलाफ लड़कर संसद के चुनाव साथ लड़ने का क्या फायदा है। दिल्ली और पंजाब में आप और कांग्रेस लड़ रही हैं। बंगाल में टीएमसी और लेफ्ट एक दूसरे की जान लेने पर उतारू हैं। गठबंधन चलने वाला नहीं है। उधर, एनडीए के कई सहयोगी भी छोड़कर जा चुके हैं। हम दोनों की ही विचारधारा से सहमत नहीं है। हमारी पार्टी ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी घोषित किया है। ऐसे में दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ेंगे और लोगों को साथ लाएंगे।