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बतरस: भारत में भाषा विवाद की वजह क्या, राजनीतिक लड़ाई अब क्यों आम लोगों तक आई? सुनिए विशेष पॉडकास्ट

Sat, 14 Jun 2025 08:02 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

मशहूर एंकर और पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने इस हफ्ते 'भारत में भाषा' के मुद्दे पर दो विशेषज्ञों- लेखक और राजनीतिक विश्लेषक शुभ्रास्था और वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर से वृहद और गहरी चर्चा की।
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अमर उजाला 'बतरस'। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमर उजाला एक बार फिर 'बतरस' के नए एपिसोड के साथ हाजिर है। इस बार चर्चा का विषय कुछ समसामयिक घटनाओं के मद्देनजर भाषाई विविधता का रहा। कहते हैं भारत एक ऐसा देश है जहां कोस-कोस पर पानी बदले और आठ कोस पर बानी (वाणी)। इस लिहाज से देखा जाए तो भारत भाषाओं के मामले में काफी समृद्ध देश रहा है। हालांकि, कुछ घटनाओं के बाद भाषाई विविधता संगम की जगह विवादों का केंद्र भी बनती दिखी है। मशहूर एंकर और पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने इस हफ्ते 'भारत में भाषा' के मुद्दे पर दो विशेषज्ञों- लेखक और राजनीतिक विश्लेषक शुभ्रास्था और वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर से वृहद और गहरी चर्चा की।
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इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।  

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ऋचा अनिरुद्ध ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की, उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब दिए। जैसे- क्या भारत में भाषा युद्ध जैसी स्थिति आ गई है? देश में भाषा विवाद क्यों और कब तक रहेगा? भाषा राजनीतिक लड़ाई से अब आम लोगों तक कैसे आई? इसके अलावा क्षेत्रीय भाषा के प्रभुत्व से क्या भारत का माहौल बिगड़ता जा रहा है? 

बतरस में गहरे और मुश्किल सवालों के विश्लेषकों ने न सिर्फ आसान और तर्कपूर्ण जवाब दिए, बल्कि यह भी बताया कि इस पूरे विवाद का इतिहास क्या और कैसा रहा है। साथ ही दी एक सलाह भी- कि इस तरह का तनाव देश को कितना नुकसान पहुंचा सकता है। 
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