अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते नए एपिसोड के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट के केंद्र में रही- कभी बेहद दुर्लभ मानी जाने वाली समस्याएं- पति-पत्नी के रिश्तों में अलगाव और तलाक की नौबत। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन आधुनिक युग में अब जिस तेजी से संबंधों में बिखराव की खबरें आ रही हैं और इन घटनाओं की वजह से लोग अवसाद में जा रहे हैं, वह अपने आप में चिंता पैदा करने वाला है। लोकप्रिय एंकर और पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं समस्याओं को लेकर दो विशेषज्ञों से बात की और जाना की आखिर रिश्तों को लेकर स्थितियों में नए समय में क्या बदलाव हुआ है और इन्हें संतुलित कैसे किया जा सकता है।
ऋचा अनिरुद्ध ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की, उनमें कड़कड़डूमा कोर्ट के अधिवक्ता एचपी राव और मैरिज काउंसलर शिवानी मिस्री साधु शामिल रहे। दोनों ही विशेषज्ञों ने कई अहम सवालों के जवाब दिए। मसलन- क्यों इन दिनों टूट रहे रिश्तों के मामले इतने बढ़ रहे हैं? रिश्तों को लेकर स्थितियां संतुलित कैसे कर सकते हैं? कोर्ट में जाने के बाद क्या कोई काउंसलिंग के लिए आता है? क्या कभी ऐसा लगता है कि अलग हो जाना ही बेहतर है? खत्म होते रिश्ते के पीछे या समाज में बदलाव के क्या कारण हैं? वैवाहिक जिंदगी से परेशान होकर कितने लोग आत्महत्या कर लेते हैं?
बतरस में विशेषज्ञों ने न सिर्फ इन सवालों के जवाब दिए, बल्कि मौजूदा समय में दरकते रिश्तों के सच, टूटते संबंधों की हकीकत, काउंसलर के इन समस्याओं से निपटने के तरीके और भारतीय कानून के इनसे जुड़े मामलों पर प्रकाश डाला। इसी के साथ विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि वे अगले 10 साल में संबंध, समाज और शादी को कैसे दिखाते हैं। इस दौरान शादी और पार्टनर की भूमिका कैसे बदलेगी। इसके अलावा दोनों ने रिश्तों को बचाने और बिखराव को रोकने से जुड़े टिप्स भी दिए।