विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट को लेकर एअर इंडिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विमानन कंपनी ने कहा है कि वह 12 जून को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। इसके लिए वह जल्द ही सत्र आयोजित करेगी। इसमें उसके तमाम पायलटों को शामिल किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (एआई 171) 12 जून को जब अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने लगा तो केवल तीन सेकेंड बाद ही ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई। टेकऑफ के बाद दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद होते ही केवल 29 सेकेंड बाद विमान मेघाणीनगर में क्रैश हो गया।
एअर इंडिया के उड़ान संचालन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उप्पल ने इस बाबत पायलटों को एक संदेश भी लिखा है। उन्होंने इसमें कहा कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रही हमारी उड़ान संख्या AI171 से जुड़ी हालिया दुखद दुर्घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। उन्होंने संदेश में कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट एयरलाइन को शुरुआती जानकारी देती है। यह अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि हादसे की वजह की पहचान करने और यह तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति कभी न हो और इसके लिए सभी संभव उपाय किए जाएं।
उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने विमानन जगत और एयर इंडिया के पायलट समुदाय को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। ऐसे में हम सब जल्द ही एक जगह इकट्ठे होकर इस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। और पहले से भी अधित सतर्क होकर आगे काम करेंगे।
रिपोर्ट में क्या-क्या दावे किए गए?
- एएआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ के समय ईंधन सप्लाई बंद होते ही इंजनों की पंखे की गति कम होने लगी थी। 213.4 टन वजन के साथ उड़ा विमान हवाई अड्डे की परिधि की दीवार पार करने से पहले ही नीचे आने लगा। इस समय विमान में 54,200 किलोग्राम फ्यूल था और टेक-ऑफ वजन 2,13,401 किलोग्राम रहा, जो अधिकतम अनुमत वजन 2,18,183 किलोग्राम से कम था।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि एयरक्राफ्ट ने 180 नॉट्स की अधिकतम रफ्तार हासिल की और उसी दौरान दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच रन से कटऑफ में बदल गए। इन दोनों स्विच में सिर्फ 1 सेकंड का अंतर था।
- एएआईबी ने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर का भी विश्लेषण किया। इसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है, "तुमने कटऑफ क्यों किया? जवाब मिलता है, "मैंने नहीं किया।" इससे अंदेशा है कि ये कटऑफ स्वचालित या तकनीकी गड़बड़ी के चलते हुआ, जिसे अब गहराई से जांचा जा रहा है।
- रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि पायलटों ने दोनों इंजनों को फिर से शुरू करने की कोशिश की। इंजन-1 दोबारा शुरू होने लगा और उसकी गति रिकवर होने लगी, लेकिन इंजन-2 बार-बार फ्यूल रीइंट्रोड्यूस करने के बावजूद पर्याप्त गति नहीं पकड़ पाया।