अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ ही खत्म हो रहे हफ्ते के साथ अमर उजाला एक बार फिर बतरस के नए एपिसोड के साथ हाजिर है। चूंकि 21 जून का दिन पूरी दुनिया में योग की महत्ता दिखाने, बताने और समझाने वाला दिन रहा, ऐसे में इस बार पॉडकास्ट पर चर्चा का मुद्दा भी योग ही रहा। योग की शुरुआत भारत से हुई और 21वीं सदी में देखते ही देखते यह पूरी दुनिया में फैल गया। हालांकि, आज भी बेहद कम लोग ही योग से जुड़े सूत्रों और इसकी प्रभावशाली क्रियाओं को जानते होंगे। मशहूर एंकर और पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने इस हफ्ते योग से जुड़े ऐसे ही कुछ अनछुए पहलुओं पर तीन विशेषज्ञों- योग शिक्षक उमंग त्यागी, कॉर्पोरेट योग शिक्षक मीनल पाठक और ऑनलाइन योग ट्रेनर सौरभ बोथरा से बात की।
इस पूरे पॉडकास्ट को आप शनिवार रात आठ बजे अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स पर सुन सकते हैं।
ऋचा अनिरुद्ध ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन तीन विशेषज्ञों से चर्चा की, उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब दिए। जैसे- पूरी दुनिया में योग से योगा तक का सफर अपनाए जाने को वे कैसे देखते हैं? योग हर कोई कर सके इसके लिए क्या करना चाहिए? मेंटल हेल्थ के लिए योग सबसे अच्छा विकल्प कैसे? योग क्रियाएं अलग भाषा में युवाओं को सिखाने का क्या आसान तरीका है? योग की ऑनलाइन क्लासेस का भी बड़ा चलन ये कितना फायदेमंद? युवाओं के लिए आसान और प्रभावशाली क्रियाएं कौन सी है? महर्षि पतंजलि योग सूत्र क्या है? लाइफस्टाइल को योग के जरिए कैसे सुधारा जा सकता है? आदि...
बतरस में विशेषज्ञों ने न सिर्फ गहरे और मुश्किल सवालों के आसान और तर्कपूर्ण जवाब दिए, बल्कि यह भी बताया कि कोरोनावायरस के कठिन समय में योग ने कैसे बेकार हुए फेफड़ों को मजबूत किया। बिगड़ी लाइफस्टाइल को योग के जरिए कैसे सुधारा जा सकता है। हर रोज सरल योग को जीवन का हिस्सा कैसे बनाएं। इसके साथ ही योग की असल कहानी भी बताई।