समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता अमर सिंह के खिलाफ आजम खान की विवादित टिप्पणी इस वक्त चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी को लेकर अमर सिंह गुरुवार को रामपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने आजम खान पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा 'मैं आ गया हूं, आजम मेरी कुर्बानी ले लें, लेकिन मेरी बेटियों को बख्श दें। अपनी बेटियों के लिए मैं कुर्बानी देने को तैयार हूं।' अमर उजाला डॉट कॉम ने शुक्रवार को अमर सिंह से इंटरव्यू लिया, जिसमें कई मुद्दों को लेकर बातचीत हुई।
पेश है इंटरव्यू के दौरान अमर सिंह से पूछे गए सवाल और उनके द्वारा दिए गए जवाब...
सवाल- आप अभी रामपुर से लौटे हैं आजम खान पर इल्जामों की झड़ी लगाकर। आजम खान ने आप पर और आपकी बेटियों पर आरोप लगाया और आपने रामपुर जाकर चुनौती दी। आखिर यह पूरा विवाद क्या है?
जवाब- मैं हाथ जोड़कर विनम्रता से कहूंगा कि न कोई विवाद है और न मैंने किसी पर कोई आरोप लगाया है। आजम खान ने एक चैनल को साक्षात्कार दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमर सिंह और उन जैसे लोग जबतक इन्हें निकाल कर नंगा कर काटा नहीं जाएगा, जबतक इनके घर की बहू-बेटियों के टुकड़े नहीं किए जाएंगे, जबतक इनकी जवान हो रही बेटियों को तेजाब से नहलाया नहीं जाएगा, तब तक इस मुल्क में दंगे नहीं रुकेंगे।
अगर यह वीडियो वायरल हुई होती तो मैं इस पर यकीन नहीं करता पर चैनल की वीडियो झूठी नहीं हो सकती। वीडियो में मुझ और मुझ जैसे लोगों से उनका मतलब हिंदू और हिंदू समाज से था। मुलायम सिंह आजम खान जैसे बाग के माली हैं उसे खाद पानी देकर बड़ा किया है। मैंने मुलायम को अपना जीवन-जवानी दे दी पर आजम के लिए मुलायम ने मेरे साथ गलत सियासी व्यवहार किया। आजम के डर से मुझे पिछले दरवाजे से छिपकर बुलाया जाता था।
सवाल- आपने कहा कि अगर हिंदू जाग गया तो आजम और उन जैसे लोगों को रसगुल्ले की तरह निगल जाएगा। यह भी तो हिंदू-मुस्लिम बयान है?
जवाब- मैंने आजम खान और उन जैसे लोगों को जवाब दिया है। जो हमारी बहु-बेटियों को गलत नजर से देखे, उसे और क्या कहा जाएगा।
सवाल- इस देश में चुनाव और राजनीति किस मुद्दे पर होगी, विकास पर होगी या हिंदू-मुस्लिम पर, यह आजम खान जैसे लोग तय करेंगे? क्या हम लोगों में यह समझ नहीं है कि इस तरह नफरत फैलाने वाले लोगों को हम समझ जाएं?
जवाब- यह सलाह आप मुलायम सिंह यादव को क्यों नहीं देते? मुल्ला मुलायम बनकर मुस्लिमों और यादवों को बरगलाकर, मंडल कमीशन का फायदा पिछड़ों को न देकर एमवाई(मुस्लिम-यादव) को दे दिया। जया पर्दा जी हमारी प्रत्याशी नहीं थीं वो आजम और मुलायम की प्रत्याशी थीं। मैं चुनौती देता हूं कि मुलायम ये कह दें कि जया को अमर सिंह ने टिकट दिलाया। जया को रामपुर ले जाने वाले मोहम्मद आजम खान हैं और टिकट देने वाले मुलायम सिंह यादव हैं।
एक गाड़ी जिसमें काले पर्दे रहते हैं उसमें आजम ने जया जी के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। जया जी गाड़ी से उतर गईं पर मुलायम के मना करने पर वो थाने नहीं गईं। पर अब समय-सीमा की बाधा नहीं है, थाना रोड पर रहते हैं। अगर अभी वो थाने चली जाएं तो आजम खान का करियर खत्म हो जाएगा और उनको जेल जाना पड़ेगा। मैं रिकॉर्ड पर जया जी को कहता हूं कि नूरबानो के अस्तबल में आजम के वालिद नौकरी करते थे। नूरबानों को हराने के लिए आजम ने कहा था कि मुझे इस नूर को बेनूर करने के लिए एक हूर की जरूरत है इसी लिए जया जी को लाया गया।
जब रामपुर में भेड़ी के गुंडे द्वारा जया पर तेजाब फेंकने की कोशिश की गई तो उस वक्त न तो समाजवादी पार्टी के किसी के नेता ने और न ही मुलायम सिंह ने हमारी मदद की। उसमें सर्वेश सिंह जो ठाकुर द्वार सिंह के विधायक थे, आज भाजपा से मुरादाबाद के सांसद हैं, ने जया जी को बचाने में मेरी मदद की। आजम ने जया को टिकट दिलवाया और जीतने के बाद जब उनको लगा कि वो उनके लिए उपयोगी नहीं हैं तो उनपर तेजाब फिंकवाने की कोशिश की।
सवाल- लोग जानना चाहते हैं कि अमर सिंह किसी के इतने करीबी बन जाते हैं कि लगता है मानो सदियों की दोस्ती है तो कभी एकदम खटास आ जाती है। पहले मुलायम सिंह अमिताभ बच्चन के परिवार के करीबी रहे फिर एक दम से दूर हो गए तो आखिर इसकी वजह क्या है?
जवाब- आप इतिहास का अध्ययन कीजिए, जो सबसे करीबी होता है वो ही विश्वासघात करता है। लेकिन मैं उन सब लोगों का कृतज्ञ हूं। सबने मुझे कुछ ना कुछ दिया है, धोखा ही सही।
सवाल- आपको किंग मेकर कहा जाता है, आपने राजनीति को बहुत करीब से देखा है। पहले सांसदों, विधायकों की खरीद-बिक्री होती थी, लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं, तो आपको कैसा लगता है?
जवाब- स्थायित्व का ये दौर देश के लिए सुनहरा दौर है। जब राजनीति में चुने हुए विधायक, जनप्रतिनिधि, बाजार में उपभोक्ता की तरह जब उनकी खरीद और बिक्री होती है, उस स्थिति से निश्चित रूप से यह स्थिति अच्छी है।