सभी अधिकारों से वंचित कर छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा शुक्रवार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) जांच पैनल के समक्ष पेश हुए। मुख्य सतर्कता आयुक्त के वी चौधरी, सतर्कता आयुक्त शरद कुमार और सुप्रीम कोर्ट केआदेश पर जांच की निगरानी कर रहे जस्टिस (रिटायर) ए केपटनायक के पैनल ने वर्मा का औपचारिक तौर पर बयान दर्ज किया। उधर विशेष निदेशक राकेश अस्थाना भी सीवीसी को अपना लिखित जवाब दिया है।
सूत्रों के मुताबिक वर्मा ने अपने जूनीयर अधिकारी अस्थाना केघूसखोरी के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। जबकि अस्थाना में अपने जवाब में इन आरोपों से संबंधित सबूत पेश का दावा किया है। सीवीसी जांच पैनल 12 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देगा। वर्मा बृहस्तपतिवार को भी सीवीसी पहुंचे थे। लेकिन तकनीकी कारणों से उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया था।
सूत्रों के मुताबिक सीवीसी पैनल ने बुधवार को दीवाली के दिन साना सतीश बाबू से भी पूछताछ कर उसका औपचारिक बयान दर्ज किया। गौरतलब है कि साना की शिकायत पर ही सीबीआई ने अस्थाना केखिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जबकि अस्थाना का दावा है कि वर्मा ने मीट व्यापारी मोईन कुरैशी के मामले में साना की जांच रोकने के लिए 2 करोड़ रुपए लिए। अस्थाना ने इस मामले की शिकायत कैबिनेट सचिव से भी की थी।