एयर इंडिया के निजीकरण के फैसले के बीच सोमवार को दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ होने वाली अहम बैठक में विमानन कंपनी से जुड़ी दर्जन भर ट्रेड यूनियनें वीआरएस योजना लाने की मांग कर सकती हैं। एयरलाइंस के निजीकरण को लेकर एक महीने में यह दूसरी बैठक है।
घाटे में चल रही एयर इंडिया को पूरी तरह बेचने के लिए सरकार ‘एक्सप्रेशन और इंटरेस्ट’ (ईओआई) जारी करने की योजना बना रही है। 2 जनवरी को हुई पहली बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा था कि एयरलाइंस को जीवित रखने के लिए इसके निजीकरण के अलावा सरकार के पास दूसरा विकल्प नहीं है।
उन्होंने इसके लिए कर्मचारियों से भी सरकार का सहयोग करने की अपील की थी। एयरलाइंस सूत्रों ने बताया कि शुरू में सरकार ने यूनियनों से कहा था कि यदि इसका निजीकरण हुआ, तो कर्मचारियों की नौकरी की रक्षा करेगी, इसलिए कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बारे में नहीं सोचा।
यूनियनों का कहना है कि लेकिन हाल में उसके सदस्यों ने कहा कि वे वीआरएस योजना के बारे में बातचीत करना चाहते हैं। उन्हें मालूम था कि निजीकरण के बाद केवल एक साल तक उनकी नौकरी सुरक्षित रह सकती है। इसलिए हम सोमवार को होने वाली बैठक में वीआरएस योजना के प्रस्ताव को रखना चाहते हैं।