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सुप्रीम कोर्ट के वकील का दावा, सीजेआई पर लगाए गए यौन शोषण के आरोप उन्हें फंसाने की साजिश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 23 Apr 2019 09:08 AM IST
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उत्सव बैंस - फोटो : social media

सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने दावा किया है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोप एक साजिश है, ताकि उन्हें अपने ऑफिस से हटाया जा सके।

बैंस का कहना है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे सीजेआई के खिलाफ प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 1.5 करोड़ रुपये लेने के बदले एक मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करने को भी कहा था। ताकि वह घबराकर अपने पद से इस्तीफा दे दें। लेकिन मैंने ये ऑफर ठुकरा दिया। बता दें बैंस ने ये पूरी कहानी एक फेसबुक पोस्ट में कही है।  



वकील बैंस का कहना है कि उस शख्स ने आसाराम केेस में पीड़िता के पक्ष में किए गए मेरे काम की सराहना की और दावा किया कि वह पीड़िता का रिश्तेदार है। लेकिन ऐसा नहीं लगता। वो एक ट्रेड एजेंट की तरह बात कर रहा था।

और ना ही सवालों का संतोषजनक जवाब दे पा रहा था। मैंने जब उससे पूछा की पीड़िता से आपका क्या रिश्ता है? तो वो अचानक मुझसे कहने लगा कि अगर मैं पीड़िता की पैरवी करता हूं, तो इस केस के लिए मुझे 50 लाख रुपये मिलेंगे। 

बैंस आगे कहते हैं, मैंने उस आदमी को अपने ऑफिस से चले जाने के लिए कहा। फिर जब मैंने दिल्ली के भरोसेमंद सूत्रों से इस मामले की तहकीकात करने को कहा तो पता चला कि सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है ताकि वह इस्तीफा दे दें। जब मुझे अपने विश्वसनीय सूत्रों से इस बारे में यकीन हुआ तो मैं मुख्य न्यायाधीश के आवास पर उन्हें सचेत करने गया लेकिन वो घर पर मौजूद नहीं थे।

बैंस का कहना है कि मेरे सीडीआर टॉवर लोकेशन से इस बारे में ब्यौरा जुटाया जा सकता है। मेरे साथ जो हुआ उसमें मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। और फैसला लिया कि इस साजिश को सबके सामने लाना चाहिए।
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उत्सव बैंस - फोटो : social media
सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने दावा किया है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोप एक साजिश है, ताकि उन्हें अपने ऑफिस से हटाया जा सके।

बैंस का कहना है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे सीजेआई के खिलाफ प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 1.5 करोड़ रुपये लेने के बदले एक मीडिया कॉन्फ्रेंस आयोजित करने को भी कहा था। ताकि वह घबराकर अपने पद से इस्तीफा दे दें। लेकिन मैंने ये ऑफर ठुकरा दिया। बता दें बैंस ने ये पूरी कहानी एक फेसबुक पोस्ट में कही है।  

वकील बैंस का कहना है कि उस शख्स ने आसाराम केेस में पीड़िता के पक्ष में किए गए मेरे काम की सराहना की और दावा किया कि वह पीड़िता का रिश्तेदार है। लेकिन ऐसा नहीं लगता। वो एक ट्रेड एजेंट की तरह बात कर रहा था।

और ना ही सवालों का संतोषजनक जवाब दे पा रहा था। मैंने जब उससे पूछा की पीड़िता से आपका क्या रिश्ता है? तो वो अचानक मुझसे कहने लगा कि अगर मैं पीड़िता की पैरवी करता हूं, तो इस केस के लिए मुझे 50 लाख रुपये मिलेंगे। 

बैंस आगे कहते हैं, मैंने उस आदमी को अपने ऑफिस से चले जाने के लिए कहा। फिर जब मैंने दिल्ली के भरोसेमंद सूत्रों से इस मामले की तहकीकात करने को कहा तो पता चला कि सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है ताकि वह इस्तीफा दे दें। जब मुझे अपने विश्वसनीय सूत्रों से इस बारे में यकीन हुआ तो मैं मुख्य न्यायाधीश के आवास पर उन्हें सचेत करने गया लेकिन वो घर पर मौजूद नहीं थे।

बैंस का कहना है कि मेरे सीडीआर टॉवर लोकेशन से इस बारे में ब्यौरा जुटाया जा सकता है। मेरे साथ जो हुआ उसमें मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। और फैसला लिया कि इस साजिश को सबके सामने लाना चाहिए।

सीजेआई रंजन गोगोई - फोटो : File Photo

क्या है मामला?

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने सीजेआई पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। महिला ने हलफनामे की कॉपी सुप्रीम कोर्ट के 22 न्यायाधीशों को भेजी। महिला ने अपने हलफनामे में कथित छेड़छाड़ की घटनाओं का जिक्र किया है।

क्या कहते हैं सीजेआई?

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक स्पेशल बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने सवाल किया कि क्या सीजेआई के 20 सालों के कार्यकाल का यही ईनाम है? 20 सालों की सेवा के बाद मेरे खाते में सिर्फ 6.80 लाख रुपये हैं।

यहां तक कि मेरे चपरासी के पास भी मुझसे ज्यादा पैसे हैं। लोग पैसे के मामले में मुझ पर ऊंगली नहीं उठा सकते थे, इसलिए इस तरह का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता है। 

'इसके पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि बड़ी ताकत'

मुख्य न्यायाधीश का कहना है कि इसके पीछे कोई एक व्यक्ति नहीं है, बल्कि कई लोगों का हाथ है। इसके पीछे कोई बड़ी ताकत होगी, वे लोग सीजेआई के कार्यालय को निष्क्रिय करना चाहते हैं। सीजेआई ने कहा कि मैं देश के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मैं महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई करूंगा। 

सीजेआई ने कहा कि मैंने आज अदालत में बैठने का असामान्य और असाधारण कदम उठाया है क्योंकि चीजें बहुत आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस कुर्सी पर बैठूंगा और बिना किसी भय के न्यायपालिका से जुड़े अपने कर्तव्य पूरे करता रहूंगा। 

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