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इलाहाबाद से 14 पाकिस्तानी लापता, हो सकते है आतंकियों के स्लीपर सेल

Tue, 04 Oct 2016 02:00 AM IST
अंकुर त्रिपाठी/ अमर उजाला, इलाहाबाद 
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फौजी ठिकानों पर हमलों के बाद खुफिया शाखाओं ने आतंकियों के  स्लीपर सेल को खंगालने में पूरा जोर लगा दिया है। गृह मंत्रालय के अलर्ट पर इलाहाबाद आकर लापता हुए 14 पाकिस्तानी नागरिकों के बारे में भी नए सिरे से छानबीन की जा रही है। वैसे माना जा रहा है कि दशकों पहले आकर गुम पाकिस्तानियों में अधिकतर जीवित नहीं रहे लेकिन जांच की जा रही है कि उनके परिवार या करीबी लोग कहां बस गए हैं। शहर में गुप्तचरों ने पुराने ठिकानों पर जाकर पूछताछ  शुरू की है।
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इलाहाबाद में खुफिया शाखाओं के पास मौजूद लापता 14 पाकिस्तानियों के नाम हैं कनीज वाहिदा, रईस अहमद, मोहम्मद हबीब उर्फ कल्लू, सईद जिलानी, आगा मोहम्मद, अब्दुल हासिम, अब्दुल वहीद, शौकत अली, हबीबउल्ला कमर, अब्दुल रसीद सिद्दिकी, मोहम्मद रजीउल्ला, अब्दुल खलील उर्फ भागीरथी, मोहम्मद रसीद तथा मुश्ताक अहमद। ये मऊआइमा, अतरसुइया, दायराशाह अजमल, खलासी लाइन कीडगंज, राजापुर, साऊथ मलाका, नखास कोहना, गढ़ी कला, रानी मंडी के पते पर आए मगर लौटे नहीं। इनमें कोई पाक नागरिक साठ साल तो कोई तीस साल पहले इलाहाबाद आने के बाद से नदारद है। 

जन्मतिथि के तहत इन गुम पाकिस्तानियों की ज्यादातर की उम्र 70-80 पार हो चुकी है। सबसे ज्यादा उम्र 1930 में जन्मतिथि वाले अब्दुल खलील और सबसे कम 1952 में जन्मे रईस अहमद की है। खुफिया शाखाओं का अनुमान है कि लापता आधे से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिक दम तोड़ चुके होंगे। तलाश उनके परिजनों की हो रही है। 25-30 की उम्र में आए पाकिस्तानी पुरुषों ने यहां शादी कर परिवार बनाया होगा तो उनका परिवार कहीं न कहीं होगा। यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि वे इलाहाबाद या किसी और जनपद में छिपकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियां तो नहीं संचालित कर रहे हैं। उड़ी आर्मी बेस पर हमले और सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उन लापता पाकिस्तानियों के बारे में नए सिरे से तहकीकात हो रही है। उनके स्थानीय पते पर जाकर गुप्तचर जानकारी जुटाने के प्रयास में हैं।
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सिमी के पूर्व सदस्यों की भी निगहबानी
आईबी और एलआईयू के गुप्तचर प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) से जुड़े रहे सदस्यों की भी नए सिरे से पड़ताल कर रही है। पता किया जा रहा है कि वे मौजूदा समय में किन गतिविधियों में लगे हैं। अटाला में गुलाबबाड़ी में सिमी के सील किए जा चुके कार्यालय के आसपास गुप्तचरों की सक्रियता बढ़ी है। इसी सिलसिले में एटीएस ने तमाम फोन नंबर भी सर्विलांस पर लगाकर जानकारी ली है।
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