राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान का नारा अब पुराना हो गया, इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य को भी जोडा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। आम निर्वाचन में 80 करोड़ से अधिक लोगों ने मतदान किया है। इसमें बडी संख्या में युवा भी हैं। युवाओं को रोटी, कपडा, मकान के साथ शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है।
राष्ट्रपति सोमवार को ग्वालियर में सबके लिये आवास योजना के अंतर्गत 81 करोड़ रुपये की लागत से बने 1088 आवासों का लोकार्पण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2022 तक देश के सभी लगभग 3.50 करोड़ आवासहीनों को आवास मुहैया करा दिए जाएंगे। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अभियान प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार निर्धारित समय-सीमा में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर कर लेगी।
उन्होंने छह हितग्राहियों को आवास संबंधी पत्र और चाबी सौंपी। उन्होंने ग्वालियर शहर के स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने के लिए शहरवासियों को बधाई दी। इस दौरान राज्यपाल ओपी कोहली, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, महापौर विवेक शेजवलकर, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया मुख्य सचिव मध्यप्रदेश अंटोनी डिसा आदि कार्यक्रम में मौजूद रहे।