2019 के लोकसभा चुनावों के लिए आवश्यक 17 लाख वीवीपैट मशीनों की आपूर्ति सार्वजनिक क्षेत्र की दोनों कंपनियां नवंबर के अंत तक कर देंगी। चुनाव आयोग ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। चुनाव आयोग ने कहा कि आगामी सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वह सभी मतदान केंद्रों पर 100 फीसदी मशीनों की तैनाती के लिए प्रतिबद्ध है।
आयोग ने कहा कि आगामी आम चुनाव में देश में सभी मतदान केंद्रों पर जरूरत के मुताबिक 17.45 लाख वीवीपैट मशीनों की आपूर्ति की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआइएल) को सौंपी गई है। इनमें से अब तक 9.45 लाख मशीनों का निर्माण हो चुका है और दोनों कंपनियों ने शेष आठ लाख मशीनों की आपूर्ति इस साल नवंबर तक सभी संबद्ध राज्यों को कर देने का आश्वासन दिया है।
आयोग मशीनों के निर्माण और आपूर्ति पर स्वयं नजर रख रहा है। उसने कहा कि आम चुनाव के लिए मशीनों की संख्या में 125 से 135 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है ताकि मतदान के दौरान मशीनों में गड़बड़ी होने पर उन्हें तत्काल बदला जा सके।
धूप से बचाने के लिए सॉफ्टवेयर में सुधार :
आयोग ने कहा कि कैराना और भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट के उपचुनाव में अत्यधिक धूप के कारण कुछ मशीनों में गड़बड़ी की शिकायतों के मद्देनजर नई मशीनों के लिये सॉफ्टवेयर में भी सुधार किया गया है, जिससे मौसम का मशीनों पर कोई असर न हो।