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Palghar Mob Lynching Incident: पालघर घटना में गिरफ्तार आरोपियों में से कोई भी मुस्लिम नहीं : महाराष्ट्र सरकार

Wed, 22 Apr 2020 05:43 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख - फोटो : ANI
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महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की मॉब लिंचिंग (भीड़ हिंसा) करने वाले आरोपियों के नाम आज जारी कर दिए। अनिल देशमुख ने कहा कि गिरफ्तार किए गए 101 लोगों में से कोई भी मुस्लिम नहीं है।

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इससे पहले देशमुख ने फेसबुक के जरिए दिए संबोधन में कहा, 'इस घटना के संबंध में गिरफ्तार किया गया कोई भी आरोपी मुस्लिम नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस घटना के बाद साम्प्रदायिक राजनीति की जा रही है।' किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि कुछ लोग 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देख रहे हैं। यह राजनीति करने का नहीं बल्कि एक साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ने का समय है।



'ओए बस' को 'शोएब बस'समझा गया : सरकार
अफवाहों पर गृहमंत्री देशमुख ने कहा कि वीडियो में एक आवाज सुनाई दे रही है 'ओए बस' और कुछ लोगो ने इसे 'शोएब बस' कर प्रसारित किया। उन्होंने आगे कहा कि सभी राज्य महामारी से लड़ रहे हैं और कुछ लोगों ने इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 

महाराष्ट्र सरकार ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सोमवार को पालघर के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

 

बता दें कि 16 अप्रैल की रात जब दो साधू और उनका ड्राइवर किसी परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कार से मुंबई से गुजरात के सूरत जा रहे थे। उनके वाहन को पालघर जिले के एक गांव के पास रोक लिया गया जहां भीड़ ने बच्चा चोरी करने के संदेह में तीनों को कार से बाहर निकाला और उनकी लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतकों की पहचान महाराज कल्पवृक्षगिरि (70), सुशीलगिरि महाराज (35) और चालक निलेश तेलगड़े (30) के रूप में की गई।

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