Maharashtra Vidhan Sabha Chunav 2024: उलमा बोर्ड ने 7 नवंबर को एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले को चिट्ठी लिखी। एआईयूबी ने महाराष्ट्र के 48 जिलों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह की जब्त जमीन को आयुक्त के जरिये सर्वे कराने का आदेश दिए जाने की मांग भी रखी।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया उलमा बोर्ड (एआईयूबी) ने महाविकास अघाड़ी (एमवीए) को समर्थन देने के लिए मुस्लिमों को 10 फीसदी आरक्षण, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध व वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध समेत 17 मांगें रखी हैं।
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बोर्ड ने 7 नवंबर को एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले को चिट्ठी लिखी। एआईयूबी ने महाराष्ट्र के 48 जिलों में मस्जिद, कब्रिस्तान और दरगाह की जब्त जमीन को आयुक्त के जरिये सर्वे कराने का आदेश दिए जाने की मांग भी रखी। साथ ही 2012 से 2024 के दौरान दंगे फैलाने के आरोपों में बंद मुसलमानों व मौलाना सलमान अजहरी को जेल से बाहर निकालने के लिए एमवीए के 30 सांसदों की ओर से पीएम मोदी को खत लिखने की मांग की।
उलमा बोर्ड की मांगों में रामगिरी महाराज तथा नितेश राणे को जेल में डालने के लिए प्रदर्शन करने की अपील भी शामिल हैं। अन्य मांगों में, विधानसभा में 2024 के चुनाव में मुस्लिम समुदाय के 50 उम्मीदवारों को टिकट देने, महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अतिक्रमण हटाने के लिए कानून पारित करना शामिल है। इसमें कहा गया है, पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बोलने वाले पर कार्रवाई के लिए कानून बनाया जाना चाहिए।
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11.56 मुस्लिम मतदाता हैं महाराष्ट्र में
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में मुस्लिम आबादी करीब 1.3 करोड़ है जो कि प्रदेश की कुल 11.24 करोड़ आबादी का 11.56% हिस्सा हैं। राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से 38 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां मुसलमान करीब 20% हैं। इनमें 9 सीटें तो ऐसी हैं, जहां मुस्लिम आबादी 40% से ज्यादा है। यदि मुंबई की बात करें तो यहां 10 सीटों पर 25 प्रतिशत से ज्यादा आबादी मुस्लिमों की है।