प्रणब मुखर्जी और शर्मिष्ठा मुखर्जी
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संबोधन से एक दिन पहले उनकी बेटी और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पिता के कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले को अनुचित ठहराया। शर्मिष्ठा ने कहा कि संघ मुख्यालय में उनका संबोधन भुला दिया जाएगा लेकिन इससे जुड़ीं तस्वीरें बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि संघ का न्योता स्वीकार कर पूर्व राष्ट्रपति ने भाजपा और संघ को झूठी कहानियां गढ़ने का मौका दे दिया है।
कांग्रेस हाईकमान भी नाखुश
कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खास और उनके भरोसेमंद माने जानेवाले अहमद पटेल ने भी ऐसे संकेत दिए हैं कि पार्टी हाईकमान पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के समारोह में शिरकत करने से नाखुश है।
पटेल ने प्रणब की बेटी शर्मिष्ठा के ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए लिखा, "मुझे प्रणब दा से ये उम्मीद नहीं थी!"
कांग्रेस और वामदलों के कुछ नेताओं ने संघ की बैठक में प्रणब के शामिल होने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन कांग्रेस संगठन के अंदर की बेचैनी से साफ जाहिर हो रहा है कि पार्टी पूर्व राष्ट्रपति के इस फैसले से असहज है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उनसे कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले पर पुनर्विचार करने की भी गुजारिश की थी। शायद इसी कारण कांग्रेस का कोई नेता नागपुर में उनकी अगवानी करने भी नहीं आया।
उनके नागपुर पहुंचने के बाद अब पूरे देश की निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रणब दा अपने भाषण में क्या कहेंगे। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उनकी संघ प्रमुख मोहन भागवत से कई बार मुलाकात हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में मुखर्जी और भागवत की मुलाकातें सामान्य घटना नहीं है।
इन मुलाकातों के राजनीतिक मायने भी हैं। हालांकि विवादों से बेपरवाह मुखर्जी ने कहा कि वह अपने भाषण के जरिये सभी अटकलों और आशंकाओं को दूर कर देंगे।