आधार डेटा लीक मामले की खबर करने वाली पत्रकार पर एफआईआर किए जाने का चौतरफा विरोध शुरू हो गया। सोमवार को भी मीडिया से जुड़े कई संगठनों ने खुलकर अपना विरोध जताया और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। दरअसल एक पत्रकार ने एक अरब से अधिक आधार कार्ड की जानकारी लीक होने की रिपोर्ट की थी। खबर सामने आने के बाद आधार की देखरेख करने वाली संस्था यूआईडीएआई ने पत्रकार के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करा दिया है।
अखबारों के परिसंघ और समाचार एजेंसी कर्मचारी संगठन ने एक बयान में भारत के अद्वितीय पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आलोचना की है। इसमें कहा गया कि कानूनी कार्रवाई करने के बजाय अगर रिपोर्ट में कोई गलती है तो उसे सामने लाएं। यह कार्रवाई प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के बराबर है और इसके साथ ही यह किसी भी संस्था के खिलाफ रिपोर्टिंग करने पर रोक लगाने जैसा है।
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यूआईडीएआई अधिकारियों की शिकायत ट्रिब्यून समाचार पत्र की रिपोर्ट के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज किया है। अखबार की एक रिपोर्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (गलत पहचान दे कर धोखा देना), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 471 (नकली दस्तावेज को सही बता कर इस्तेमाल करने) के साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66 और आधार एक्ट की धारा 36/37 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।