केंद्र सरकार के तमाम छोटे बड़े दफ्तर, जिनमें प्रधानमंत्री कार्यालय भी शामिल है, वहां औपचारिक बैठक की कार्यवाही प्रारंभ करने से पहले एक खास तरह की 'गुफ्तगू' होगी। इसमें बैठक की अध्यक्षता करने वाला व्यक्ति भी मौजूद रहेगा। किसी वजह से बैठक कम समय के लिए या उसे तय समय से पहले शुरू किया जाता है और ऐसे में 'गुफ्तगू' छूट जाती है तो विभागाध्यक्ष सभी को 'गुफ्तगू' की याद दिलाएंगे। इसे किसी भी सूरत में टाला नहीं जाएगा।
डीओपीटी ने इस बाबत सभी मंत्रालयों और विभागों को आदेश जारी कर दिए हैं। जिस विषय को लेकर वह 'गुफ्तगू' होगी, वह कोरोना संक्रमण से जुड़ा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। ''आइए, कोरोना से लड़ने के लिए एकजुट हों। इन बातों को हमेशा याद रखें। जैसे मास्क जरूर पहनें। हाथ साफ करते रहें। सोशल डिस्टेंसिंग यानी दो गज की दूरी के नियम का सख्ताई से पालन करें।
इसके बाद पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट किया। इसमें लिखा था कि 'कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई 'लोगों' के जरिए लड़ी जा रही है। हमारे कोविड योद्धाओं से इस लड़ाई को बहुत ताकत मिलती है। हमारे सामूहिक प्रयासों ने कई लोगों की जान बचाई है। हमें लड़ाई जारी रखनी होगी और अपने नागरिकों को वायरस से बचाना होगा।
इसके बाद मोदी सरकार के कई मंत्रियों ने भी ट्विटर पर अभियान शुरू कर दिया। बॉलीवुड के अभिनेता और अभिनेत्रियां भी इस अभियान में कूद पड़े। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने तो सबसे ज्यादा तेजी के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया। अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कश्मीर और दूसरे राज्यों से लगती सीमाओं पर तैनात जवानों ने स्थानीय लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए उन्हें सचेत करना शुरु कर दिया है। बैनर और पोस्टर लेकर जवान, लोगों के पास जा रहे हैं।
अब केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों में कहा गया है कि वे कोई भी बैठक शुरू करने से पहले कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों पर चर्चा करें। अधिकारियों और कर्मचारियों को जागरुकता के लिए बताया जाए। वे अपने विभागों में एसओपी जारी कराएं। इस बात का ध्यान रखें कि कोरोना से बचाव के उपाय सख्ताई से लागू हो रहे हैं या नहीं।
सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के मामले में कोताही न बरती जाए। अधिकारियों को बैठक में यह भी बताना होगा कि उन्होंने अपने विभाग में किस तरह से कोरोना से बचाव के उपायों को लागू करना सुनिश्चित कराया है। अफसरों को इस बाबत एक रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी। कोरोना पर विस्तृत चर्चा होने के बाद ही बैठक के तय एजेंडे पर बातचीत होगी।