एर्नाकुलम के प्रधान सत्र न्यायालय ने तीनों आरोपियों को ईडी की हिरासत में भेज दिया और आर्थिक अपराध शाखा को स्वप्ना सुरेश से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पूछताछ किए जाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही हिरासत में आरोपियों के मानसिक रूप से प्रताड़ित होने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
सुनवाई के दौरान, ईडी के वकील ने अदालत के समक्ष स्वप्ना सुरेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर के करीबी होने के साक्ष्य प्रस्तुत किए। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश का मुख्यमंत्री कार्यालय में अच्छा-खासा प्रभाव था। इस बात की जानकारी स्वप्ना ने खुद प्रवर्तन निदेशालय को दी। ईडी ने आरोपी की हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए दायर एक लिखित आवेदन में कहा कि निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर को इस बात की पूरी जानकारी थी कि सुरेश की ईमानदारी संदिग्ध थी। इसलिए इस मामले में शिवशंकर से आगे की पूछताछ की जा सकती है। तस्करी मामले में आरोपी स्वप्ना सुरेश की जमानत याचिका कोच्चि के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) की अदालत ने बृहस्पतिवार को खारिज कर दी थी।