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Nagaland: नगालैंड में NCP के सभी सात विधायक NDPP में क्यों हुए शामिल; विधानसभा में अब किसके पास कितनी ताकत?

Sun, 01 Jun 2025 09:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा

सार

एनडीपीपी के 32 और भाजपा के 12 विधायकों के अलावा राज्य विधानसभा में एनपीपी के पांच विधायक, एलजेपी (रामविलास), नगा पीपुल्स फ्रंट और रामदास अठावले की आरपीआई के दो-दो, जदयू का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं।
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नगालैंड विधानसभा चुनाव - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नगालैंड में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सभी सात विधायक सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) में शामिल हो गए हैं। इसी के साथ मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व वाली पार्टी को 60 सदस्यीय विधानसभा में पूर्ण बहुमत मिल गया है। इस विलय के साथ विधानसभा में एनडीपीपी की ताकत 25 से बढ़कर 32 हो गई है। 2023 के विधानसभा चुनावों में एनसीपी तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। एनडीपीपी और उसकी सहयोगी भाजपा के बाद एनसीपी ने 12 सीटें जीती थीं।

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इससे पहले शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नगालैंड सरकार के प्रवक्ता केजी केन्ये ने कहा कि सात सदस्यों के साथ राज्य विधानसभा में तीसरा सबसे बड़े समूह एनसीपी का औपचारिक रूप से एनडीपीपी में विलय हो गया है। केन्ये ने कहा, 'आज शाम एनडीपीपी पार्टी के कुछ और मित्र हमारे साथ जुड़ गए हैं। इस बार राज्य विधानसभा में 9 दल थे और उनमें से एनसीपी पार्टी 7 सदस्यों के साथ राज्य विधानसभा में तीसरा सबसे बड़ा दल था। सदन के अध्यक्ष ने विलय के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। परिणामस्वरूप राज्य विधानसभा में एनडीपीपी की सदस्य संख्या 25 से बढ़कर 32 हो गई है।' 

लोगों की सेवा करने की सरकार की क्षमता को बढ़ाएगा
केन्ये ने जोर देकर कहा कि यह विकास मुख्यमंत्री डॉ. रियो के नेतृत्व को मजबूत करेगा और लोगों की सेवा करने की सरकार की क्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सीट-बंटवारे की व्यवस्था स्थाई नहीं है और भविष्य के चुनावों में इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है। 
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राज्य-केंद्रित राजनीतिक दृष्टिकोण की इच्छा से प्रेरित
मंत्रिस्तरीय फेरबदल पर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार के अंतर्गत आता है। विलय के कदम के पीछे के कारण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एनसीपी जैसी राष्ट्रीय पार्टियों को राज्य-विशिष्ट मुद्दों को संबोधित करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। यह कदम अधिक राज्य-केंद्रित राजनीतिक दृष्टिकोण की इच्छा से प्रेरित था। उन्होंने बताया कि विलय राजनीतिक आवश्यकता और मौजूदा सरकार व एनडीपीपी नेताओं की नेतृत्व अपील दोनों से प्रभावित था।

विधानसभा का हालनगालैंड

दल का नाम सीटें
एनडीपीपी (NDPP) 32
भाजपा (BJP) 12
एनपीपी (NPP) 5
लोजपा (राम विलास) 2
नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) 2
आरपीआई (RPI) 2
जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) 1
निर्दलीय 4
कुल 60

 

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