फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाकिर नाईक को ‘इस्लामिक हीरो’ बताने वाले स्कूल की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति

Sat, 13 Jan 2018 11:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
विज्ञापन
जाकिर नाईक
विज्ञापन

डॉ. जाकिर नाईक को ‘इस्लामिक हीरो’ के रूप में पढ़ाए जाने वाले विद्यालय को बीएसए ने नोटिस दिया है और सात दिन के अंदर जवाब मांगा है। इस प्रकरण में बीएसए ने तीन सदस्यों की टीम भी गठित की है। बीएसए का कहना है कि समिति की रिपोर्ट में यदि यह बात सही पाई गई तो इस विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि भड़काऊ भाषण देने के आरोपी डॉ. जाकिर नाइक को शहर के दोदपुर स्थित इस्लामिक मिशन स्कूल में इस्लामिक हीरो के रूप में पढ़ाई में पेश किया जा रहा है। इस विद्यालय में कक्षा दो में इल्म-ए-उन-नफे पुस्तक पढ़ाई जा रही है। इसमें हीरो ऑफ इस्लाम चैप्टर भी शामिल है। इसमें डॉ. जाकिर नाईक का भी नाम है। इस पुस्तक का प्रकाशन स्कूल का प्रबंधन है। डॉ. नाईक के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। उनके एनजीओ तक पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। 

अब डॉ. जाकिर को हीरो ऑफ इस्लाम के रूप में पढ़ाए जाने की जानकारी शुक्रवार को जब बेसिक शिक्षा महकमे को मिली तो विभाग सक्रिय हो गया। इस विद्यालय को बेसिक शिक्षा परिषद से ही कक्षा आठ तक की मान्यता है। बीएसए ने इस प्रकरण में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें बीईओ मुख्यालय के अलावा खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) और बीईओ जवां को शामिल किया गया है। यह समिति इस प्रकरण की जांच करेगी। 
विज्ञापन


बीएसए ने बताया कि विद्यालय प्रबंधक को नोटिस दिया गया है और यदि यह बात सही निकली कि तो जांच के बाद इसकी मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। इधर, नगर शिक्षा अधिकारी व बीईओ मुख्यालय विद्यालय भी गए, लेकिन वहां उन्हें विद्यालय में प्रबंधक व बच्चे नहीं मिले। इस पर टीम लौट आई है। भाजयुमो नेता डॉ. निशित शर्मा का कहना है कि इस्लामिक मिशन स्कूल विभाजन कारी विचारधारा के डॉ. जाकिर नाइक को इस्लाम के महान व्यक्ति बताकर बच्चों को विभाजन कारी सोच का शिकार बना रहा है। यह समाज और देश के लिए घातक साबित होगा।

डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार को पत्र के जरिए संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो, जो इन गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। कि स्कूल में कुछ अभिभावकों से जानकारी मिली थी कि इसमें देश विरोधी गतिविधियां, इस्लामिक कट्टरता व राष्ट्रगान के प्रति अपमान, होली, दीवाली, क्रिसमस पर अवकाश नहीं होता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बीएसए का घेराव करके स्कूल बंद कराने की मांग की गई थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें