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अब जिन्ना की तीसरी पत्नी को लेकर शुरू हुई चर्चा, 1944 की एक विजिटर बुक बनी फसाद

Mon, 28 May 2018 05:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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गांधी आई हॉस्पिटल की विजिटर बुक में बेगम मोहम्मद अली जिन्ना पत्नी मोहम्मद अली जिन्ना के एक संदेश ने फिर से अलीगढ़ में हलचल मचा दी है। ये संदेश 17 दिसंबर 1944 को अस्पताल की विजिटर बुक में लिखा गया है। उस वक्त ब्रिटिश हुकूमत के साये में अस्पताल का प्रबंधन एक ट्रस्ट के माध्यम से होता था। शनिवार को गांधी आई हॉस्पिटल ट्रस्ट के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह जब यहां निरीक्षण करने पहुंचे तो उन्होंने भी विजिटर बुक में अपना संदेश लिख कर दस्तखत किए। पन्ने पलटे गए तो बेगम अली जिन्ना का संदेश भी नुमाया हुआ। इसको लेकर अनेक तरह के कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं। 
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अलीगढ़ के गांधी आई हॉस्पिटल की विजिटर बुक में वर्ष 1944 में लिखे संदेश को लेकर लग रहे कई कयास

बीती 30 अप्रैल को सांसद सतीश गौतम ने एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिख कर एएमयू छात्र संघ के यूनियन हाल में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर उसका औचित्य पूछा था। हालांकि 27 दिन बाद भी विवि प्रबंधन ने इसका जवाब नहीं दिया है, लेकिन इस मामले में खासा बवाल हो चुका है। अब जिन्ना की पत्नी के नाम से सामने आया संदेश भी चर्चा में है। 

यह और बात है कि जिन्ना की पत्नी के नाम का ये संदेश 1944 में लिखा गया बताया जाता है, लेकिन जिन्ना की पहली पत्नी ईमीबाई जिन्ना वर्ष 1893 में, दूसरी पत्नी रतनबाई (मरियम) जिन्ना का निधन 20 फरवरी, 1929 को हो गया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि यह कौन महिला है जो कि 1944 में खुद को जिन्ना की पत्नी के रूप में दर्ज कर गई हैं।
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चूंकि इस विजिटर बुक में उस दौर के महत्वपूर्ण व्यक्तियों से राय दर्ज करवाई गई है, इसलिए निश्चित तौर पर इस महिला की पहचान किसी बड़े व्यक्तित्व के साथ जुड़ी रही होगी। आजादी से ठीक पहले के दौर में जिन्ना उपनाम वाले एक ही व्यक्ति थे जो कि बाद में पाकिस्तान के संस्थापक बने। 

बेगम ने यह लिखा है विजिटर बुक में

‘‘इंसान के लिए (बिनाई) रोशनी सबसे बड़ी नेमत है और जो लोग इस तरह आंख के इलाज में मसरूफ हैं। अपने अहले वतन की काबिल ए तारीफ खिदमत अंजाम दे रहे हैं और पब्लिक की इमदाद और हौसला अफजाई के मुश्तहक हैं। मुझे उम्मीद है डॉ. मोहनलाल साहब का प्रोग्राम मुकम्मल तामीर जल्द तकमील को पहुंचेगा और डॉक्टर साहब मौसूफ अपने इरादान में जल्द कामयाब होंगे...।’’ 

बेगम मोहम्मद अली 
17-12-1944
पत्नी मोहम्मद अली जिन्ना
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विजिटर बुक में नामचीन दिग्गजों ने लिखे हैं संदेश

वर्ष 1931 में नेता जी सुभाष चंद्र बोस, 1946 में राजा राजेंद्र महेंद्र प्रताप सिंह, 1949 में देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, 1939 में मदन मोहन मालवीय, 1950 देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इस विजिटर बुक पर अपने संदेश लिखे थे। इनके अलावा देशबंधु चितरंजन दास, पुरुषोत्तम दास टंडन, फील्ड मार्शल जनरल करियप्पा, अबुल कलाम आजाद, पृथ्वीराज कपूर सहित कई देश की कई नामचीन हस्तियों ने इस विजिटर बुक में अपने संदेश लिख कर दस्तखत किए हैं। 

वर्ष 1994-95 के सोविनियर में छप चुके हैं ये संदेश

गांधी आई हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से मनाए गए शताब्दी समारोह में वर्ष 1994-95 में अस्पताल की ऐतिहासिक विजिटर बुक में दर्ज शख्सियतों के संदेश प्रकाशित हुए थे। ये संदेश सीधे स्कैन कर हूबहू प्रकाशित किए गए थे। 
 
अस्पताल की ऐतिहासिक विजिटर बुक में 17 दिसंबर 1944 के दिन बेगम अली जिन्ना के नाम से एक संदेश लिखा गया था। उन्होंने अपने पति का नाम मोहम्मद अली जिन्ना लिखा है। उस वक्त अस्पताल के संस्थापक डा. मोहन लाल ही मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर भी थे। अगर उन्होंने ये संदेश लिखवाया है तो यकीनन बेगम मोहम्मद अली उस वक्त हस्ती रहीं होंगी। उस दौर में मोहम्मद अली जिन्ना देश की बहुत बड़ी शख्सियत थे। 
-मधुप लहरी, प्रशासक गांधी आई हास्पिटल
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