असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को दो बड़े मामलों पर महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख मामले को जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा। वहीं, जुबिन गर्ग मौत मामले में एसआईटी ने लगभग 12,000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दायर कर दी है।
अब केंद्रीय जांच एजेंसी करेगी आगे की जांच
सीएम सरमा ने कहा कि केस में काफी जटिलताएं हैं, इसलिए राज्य की SIT अकेले पूरी सच्चाई सामने नहीं ला पाएगी। उन्होंने कहा जुबिन गर्ग केस के नियमित ट्रायल शुरू होते ही हम अली तौकीर शेख मामले को केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर कर देंगे। महीने के अंत तक हम कुछ दस्तावेज भी सार्वजनिक करेंगे। अली तौकीर शेख के कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी से कथित लिंक की बात सामने आने के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है।
बता दें कि विशेष पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) मुन्ना प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी ने औपचारिक रूप से 10 सितंबर को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट मिलने के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार इसकी विस्तार से जांच करेगी और इसे सार्वजनिक करने से पहले मंत्रिमंडल के समक्ष चर्चा के लिए रखेगी।
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असम के सीएम ने किया था ये दावा
सरमा ने पहले दावा किया था कि एसआईटी ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख की नापाक गतिविधियों में एक ब्रिटिश नागरिक जिसने एक भारतीय सांसद से शादी की है की संलिप्तता स्थापित की है। उन्होंने दावा किया था कि जांच से यह भी पता चलता है कि कैसे पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्रालय ने असम के एक सांसद की अपने देश में यात्रा को सुगम बनाया। गोगोई ने पूर्व में दावा किया था कि मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप बॉलीवुड की किसी सी-ग्रेड फिल्म की तरह हैं, जो फ्लॉप हो जाएगी क्योंकि असम के लोग सब कुछ समझते हैं।
हत्या, साजिश और अन्य गंभीर आरोपों के साथ चार्जशीट दायर
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि SIT ने अपने वादे के अनुसार सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में कुछ आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है, जबकि एक आरोपी पर कुलपेबल होमिसाइड का मामला दर्ज हुआ है। वहीं दो PSO के खिलाफ भी अलग-अलग आरोप शामिल किए गए हैं। सरमा ने कहा कि लगभग 12,000 पन्नों की विस्तृत डॉक्यूमेंटेशन के साथ यह चार्जशीट दायर की गई है। कुछ दस्तावेज सिंगापुर से लिए गए, लेकिन जांच टीम ने मुख्य रूप से स्थानीय रिकॉर्ड के आधार पर ही आरोपी के खिलाफ मजबूत मामला तैयार किया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में मकसद और आपराधिक साजिश को पूरी तरह ट्रैक कर लिया गया है, जिससे मामले की दिशा और मजबूत हुई है। सीएम सरमा ने कहा कि अब मामला अदालत के पास है और वे न्याय मिलने को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने आगे कहा हम गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध करेंगे। साथ ही इस केस के लिए विशेष लोक अभियोजक भी मांगा जाएगा।