अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
गणतंत्र दिवस के मौकेपर इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रभावित युवकों का लोन वुल्फ यानि भीड़ में अकेले घुस पर आम लोगों को निशाना बनाने का गंभीर अंदेशा है। खुफिया एजेंसियों के इस नतीजे के आधार पर इस बार पूरे देश में अभूतपूर्व सुरक्षा का निर्देश जारी किया गया है। गृहमंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि यूरोप के कुछ देशों में हुए हमले की तर्ज पर देश में भी लोन वुल्फ हमले की कोशिश लंबे समय से चल रही है। दरअसल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई कश्मीर केअलावा देश के अन्य हिस्सों में भी वारदात करने पर आमादा है।
मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि भारत में आईएस के प्रभावित युवकों के जरिए लगभग खत्म हो चुके इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) को फिर से संगठित करने की पाक एजेंसियों की कोशिश चल रही है। आईएस के जुड़े युवकों की जांच में जुटी नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के मुताबिक देश का एक गुट दुबई, पाकिस्तान और इराक में बैठे कुछ लोगों से संपर्क में है। सूत्रों के मुताबिक दुबई में बैठा आईएम का पुराना गुर्गा अबू अरमार इसी की हिस्सा है। खुफिया एजेंसी सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान अपने प्रॉक्सी वॉर की करतूतों के लिए आईएस से प्रभावित युवकों को साधने में लगा है।
गृहमंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को ट्रेनों में खास नजर रखने की हिदायत दी गर्इ है। यहां तक कि महानगरों से उपनगरीय इलाकों से आने जाने वाले लोकल ट्रेनें में एजेंसियों की नजर में हैं। इसकेअलावा संवेदनशील जगहों पर भीड़ भरे इलाके को भी सुरक्षा घेरे का अहम लक्ष्य बनाया गया है। सूत्रों ने बताया कि युवक आईएस का खतरनाक पाठ बंद कमरे में कंप्यूटर के जरिए हासिल कर रहे हैं। इसके बारे में बाहरी दुनिया को तब भी बामुश्किल पता चलता है जब युवक मानसिक तौर पर कार्रवाई केलिए तैयार हो चुका होता है। यह हालात सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।