ऐसा पहली बार हुआ जब पूरे देश ने टेलीविजन के माध्यम से एक राजनीतिक पार्टी के नेताओं की तू-तू-मैं-मैं सुनी हो, जो बातें ड्राइंग रूम में होनी चाहिए थीं, वो खुलेआम सबके सामने हुई। सोमवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों और नेताओं की बैठक में मची कलह का अंत भले ही न हुआ हो, लेकिन इस नूराकुश्ती ने यूपी की अफसरशाही और राजनीति की सड़ांध को सबके सामने ला दिया। यहां पढ़िए वो पांच बातें जो सपा संग्राम के बीच देश ने पहली बार सुनी..
अखिलेश के खुलासे -
1. अमर सिंह साजिश कर रहे हैं। मेरे खिलाफ खबरें छपवा रहे हैं। मुझे औरंगजेब बताया जा रहा है और नेताजी को शाहजहां। अमर सिंह ने कहा था नवंबर में अखिलेश उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं रहेगा।
2. नेताजी आपने मुझसे कहा था कि ये प्रजापति को तुम बचाते क्यों नहीं हो? तुम सीएम हो, तुम्हें बचाना चाहिए। मैंने कहा - मैं बचा लूंगा, लेकिन प्रजापति मेरा कहना कहां मानता हैं। आपका फिर फोन आया मेरे पास कि प्रजापति, राजकिशोर, कमाल अख्तर को हटा दो। मैंने हटा दिया तो प्रजापति फिर आपके पास गए दिल्ली। मैंने कमाल अख्तर को नहीं हटाया।
3. मैं लंदन जा रहा था परिवार के साथ। मैं लौट के आया, आपने कहा, सिंघल को हटा दो। मैंने हटा दिया। मैंने खुद फोन किया सिंघल को कि जाओ, नेताजी के पास अगर खुद को बचाना चाहते हो। फिर बाद में आप ही ने कहा कि फिर से उसे मुख्य सचिव बनाओ। तब मैंने दस दिन रूकने को कहा।
4. 15 तारीख को आपने कहा कि शिवपाल इस्तीफा देंगे, तो पार्टी की ऐसी तैसी हो जाएगी। आप मेरे पिताजी हैं, आप कुछ कह सकते हो, पर चाचाजी का फोन आया कि नेताजी ने कहा है कि मैं आपको हटा दूं। मैंने कहा, 'हटा देना', बस हटाने के बाद चिट्ठी भेज देना। उन्होंने मुझे हटाया। फिर मैंने उन्हें मंत्री पद से हटा दिया। आप कोई भी फैसला ले सकते हो, लेकिन आपने अमर सिंह के साथ तीन घंटे तक मुलाकात के बाद यह फैसला लिया। मेरी नाराजगी इसी से है।