समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश (यूपी) में 2019 के चुनाव के लिए राजनीतिक गठबंधन की घोषणा के लिए उतावले हैं। अखिलेश चाहते हैं कि बसपा सुप्रीमो मायावती भी इसका जल्द ऐलान कर दें। अखिलेश यादव के करीबी सूत्र का कहना है कि बसपा अध्यक्ष मायावती राज्य में गठबंधन की पक्षधर तो हैं, लेकिन निर्णायक स्थिति तक पहुंचने में समय ले सकती हैं। वहीं कांग्रेस के नेता अभी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि समान विचारधारा के दल भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए साथ आने का प्रयास कर रहे हैं। इस बारे में आगे जो स्वरुप बनेगा, पार्टी अधिकारिक रूप से उसे मीडिया को जानकारी दे देगी।
समाजवादी पार्टी के नेता बसपा के साथ तालमेल के लिए आश्वस्त हैं। अखिलेश यादव के करीबी संजय लाठर को भी इसका भरोसा है। हालांकि अभी इस बारे में कोई खुलकर कुछ नहीं कह पा रहा है। मायावती भी समाजवादी पार्टी के साथ अच्छे रिश्ते का संकेत देने के बाद भी पत्ते नहीं खोल रही हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं अनुसार यूपी में बसपा और सपा साथ आ रहे हैं। इसका तालमेल राष्ट्रीय लोकदल से रहेगा। कुछ सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ने पर विचार हो रहा है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के तालमेल का रिश्ता 2017 के विधानसभा चुनाव तक सीमित था। 2019 में चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए अभी इसकी संभावना कम दिखाई पड़ रही है। इस बारे में लखनऊ से अखिलेश यादव के बेहद करीबी सूत्र के अनुसार देरी समाजवादी पार्टी की तरफ से नहीं है। यह देरी बसपा कर रही है। लेकिन बसपा द्वारा की जा रही देरी का समाजवादी पार्टी के सूत्र अभी कोई कारण नहीं बता पा रहे हैं।