जानकारी के मुताबिक, गठबंधन समूह इस चुनाव में देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को एक विशेष मिशन पर लगाने की योजना बना रही है। इस योजना के तहत अखिलेश यादव को टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू को अपने साथ जोड़ने का जिम्मा सौंपने की जिम्मेदारी देने की योजना पर काम कर रही है।
केंद्र में सत्ता के लिए जितने नंबर चाहिए उतने तो एनडीए गठबंधन के पास है, लेकिन विपक्षी दल गठबंधन के उन नंबरों में बड़ी सेंध मारी की तैयारी भी कर रहा है। दरअसल, इन नंबरों में सेंधमारी करने के लिए एनडीए के प्रमुख घटक दल टीडीपी और जेडीयू को अपने पाले में करने की बड़ी योजनाएं हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेलुगु देशम पार्टी के नेता अपना गठबंधन छोड़कर INDIA में क्यूं आएंगे।
गठबंधन के एक प्रमुख दल से जुड़े वरिष्ठ नेता बताते हैं कि इसके लिए अंदरूनी तौर पर बड़ी तैयारी भी हो रही हैं। सूत्रों के मुताबिक चंद्रबाबू नायडू को अपने पाले में आने के लिए मनाने को बड़ी जिम्मेदारी सपा मुखिया अखिलेश यादव को दिए जाने की चर्चाएं है। सूत्रों के मुताबिक, वैसे तो INDIA गठबंधन के कई नेताओं से चंद्रबाबू नायडू के बहुत अच्छे रिश्ते हैं। लेकिन सपा के पूर्व मुखिया मुलायम यादव सिंह और चंद्रबाबू नायडू के रिश्तों की तासीर को देखते हुए अखिलेश यादव को उन्हें मना कर अपने साथ लाने की जिम्मेदारी देने की योजनाएं बनाई गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को परिणाम के बाद यह तय नहीं हो पा रहा था कि चंद्रबाबू नायडू दिल्ली पहुंचेंगे या INDIA गठबंधन का कोई नेता आंध्र प्रदेश जाएगा। लेकिन बुधवार को को सीबी नायडू के दिल्ली आने की दशाओं में अंदरखाने उनसे मुलाकात और INDIA गठबंधन में शामिल किए खाका खींचा जा चुका है।
सूत्रों की मानें तो मुलायम सिंह यादव और चंद्रबाबू नायडू के मजबूत रिश्तो के चलते अखिलेश यादव को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की योजनाएं बनी हैं। अब देखना यही होगा क्या वास्तव में जिस रास्ते से INDIA गठबंधन सत्ता पाने की चाहत रख रहा है क्या वह सफल भी होगी या नहीं। हालांकि सत्ता के लिए अभी तक गठबंधन के किसी भी बड़े नेता ने खुलकर कुछ भी नहीं बोला है। मंगलवार को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया था।
INDI गठबंधन के पास केंद्र की सत्ता तक पहुंचने के नंबर तो नहीं हैं। लेकिन सूत्रों की माने तो गठबंधन के नेता इस जोड़-तोड़ में लगे हैं कि किसी तरह गठबंधन सरकार बना सके। सियासी जानकार भी इस बात को मानते हैं कि सत्ता के जितने करीब INDIA गठबंधन पहुंचा है वह उसे मौके को अब अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहता है।
राजनीतिक विश्लेषक कुमार अभिषेक कहते हैं कि हालांकि राजनीतिक नजरिया से देखा जाए तो एनडीए को सत्ता तक पहुंचने के पर्याप्त नंबर मिले हैं। इसलिए एनडीए गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। लेकिन विपक्षी गठबंधन इस कोशिश में लगा है अगर वह भाजपा गठबंधन के घटक दलों में कुछ को तोड़ ले तो संभव है कि वह सरकार बनाने की दावेदारी कर सके। हालांकि कुमार कहते हैं यह टास्क है तो कठिन। लेकिन सियासत में असंभव तो कुछ भी नहीं होता। यही वजह है कि INDIA गठबंधन सत्ता के लिए सभी दांव पेंच आजमा रहा है।
INDIA के घटक दलों में शामिल पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि उनके संपर्क एनडीए में शामिल कुछ राजनीतिक दल हैं। हालांकि वह कौन से राजनीतिक दल है इसका तो उन्होंने जिक्र नहीं किया, लेकिन वह कहते हैं कि इस वक्त जिस तरीके की जरूरत INDIA गठबंधन को है उसके लिए पर्याप्त नंबरों की फेहरिस्त में आगे बढ़ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार संजय जयसवाल बताात हैं कि INDIA गठबंधन में सिर्फ तेलुगूदेशम पार्टी के शामिल होने पर केंद्र की सत्ता नहीं पा सकते। इसके लिए बेहद जरूरी है कि कुछ अन्य राजनीतिक दलो को भी इस गठबंधन में शामिल होना बेहद जरूरी है। अब ऐसे में क्या वह पर्याप्त संख्या INDIA गठबंधन पा सकेेग या नहीं। यह तो आगे की रणनीति और सियासी समीकरण ही तय करेंगे।