चुनाव आयोग के विरुद्ध विपक्षी दलों के प्रदर्शन में सोमवार को अखिलेश यादव ने अपनी अलग छाप छोड़ी। सुरक्षाकर्मियों को छकाते हुए पुलिस बैरिकेडिंग लांघने की उनकी तस्वीर पूरे दिन भर मीडिया में छाई रही। अखिलेश यादव की यह तस्वीर उन लोगों को हैरत में डालने वाली थी जो यह मानकर चलते थे कि विरासत में मिली समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सड़क की राजनीति में कहीं नहीं टिकते हैं अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के विरुद्ध धरने में जिस जीवटता का प्रदर्शन किया है, उससे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। सपा को इसका लाभ मिल सकता है।
अखिलेश यादव यह जानते हैं कि बिहार के बाद भाजपा सबसे ज्यादा ध्यान उत्तर प्रदेश पर ही देगी। चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि चरणबद्ध तरीके से एसआईआर की प्रक्रिया पूरे देश में चलाई जाएगी। यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव आयोग बिहार-प. बंगाल के बाद यूपी में एसआईआर कराने की शुरुआत कर सकता है। लेकिन यदि अखिलेश यादव पहले ही एसआईआर पर मुखर रहते हैं, तो यूपी में उनकी लड़ाई बहुत आसान हो जाएगी।
अखिलेश यादव पहले ही पीडीए के मुद्दे से यूपी में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहते हैं। लोकसभा चुनाव में उन्हें पीडीए का मुद्दा उठाने का लाभ मिल चुका है। अब वे इस मुद्दे को और मजबूत धार देकर 2027 के यूपी चुनाव पर निशाना लगाना चाहते हैं। चुनाव विश्लेषक मानते हैं कि यदि यूपी में भी एसआईआर शुरू होता है तो वे एक बार फिर दलितों-पिछड़ों का वोट काटे जाने का मुद्दा उठाकर अपनी राजनीति को मजबूत करने की रणनीति अपना सकते हैं। यही कारण है कि सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन में अखिलेश यादव ने अपनी जान लगा दी।
अखिलेश स्ट्रीट फाइटर- सपा
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आजम खान ने अमर उजाला से कहा कि राहुल गांधी की तरह अखिलेश यादव को भी एसी कंडीशन कमरों में बैठकर राजनीति करने वाले के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की गई थी। लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता जानते हैं कि अखिलेश यादव सच्चे स्ट्रीट फाइटर हैं और वे जब भी आवश्यकता पड़ती है, सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज उठाते हैं।
अखिलेश यादव की राजनीति का हुआ पर्दाफाश- भाजपा
भाजपा नेता अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने अमर उजाला से कहा कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है। यूपी सहित पूरे देश ने देख लिया है कि उनकी सरकार जाने के बाद यूपी में अपराध समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की पूरी जनता का विकास किया जा रहा है और यूपी देश के सबसे तेजी से विकास कर रहे राज्यों में शामिल हो चुका है।