अजमेर दरगाह के प्रमुख जैनुल अबेदीन अली खान ने मंगलवार को कहा कि कट्टरवादी प्रचारक जाकिर नाईक जैसे लोगों की विचारधारा और अलगाववादियों की नीतियां घाटी में अशांति के लिए जिम्मेदार है। खान ने आरोप लगाया कि ये लोग अपने उद्देश्यों के लिए लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि इन लोगों की नीतियों का ही नतीजा है कि कश्मीर का शिक्षित युवा आज अलगाववाद की विचारधारा से प्रभावित होकर हिंसक हो रहा है। कश्मीर में शांति बहाली के लिए मुस्लिम धार्मिक नेताओं को ऐसी विचारधाराओं का विरोध करना जरूरी है।
खान ने आरोप लगाया कि नाईक जैसे कट्टरवादी प्रचारक धर्म के नाम पर कट्टरता फैला रहे हैं। वे दावा करते हैं कि वे धर्म के लिए ऐसा कर रहे हैं लेकिन अंत में यह गलत साबित होगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान बंदूक नहीं है।