Maharashtra: महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि राकांपा नेता धनंजय मुंडे के इस्तीफे के बाद खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग किसे सौंपा जाएगा, इस पर निर्णय महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार लेंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता धनंजय मुंडे के इस्तीफे के बाद खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग किसे सौंपा जाएगा, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार इस पर फैसला करेंगे। राज्य के एक मंत्री ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
धनंजय मुंडे ने चार मार्च को कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। मसाजोग गांव (बीड़) के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के मामले में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड का नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया था, जिसके कारण उन्होंने इस्तीफा दिया था। राज्य के कृषि मंत्री राकांपा विधायक माणिकराव कोकाटे से जब पूछा गया कि मुंडे का मंत्रालय किसे सौंपा जाएगा, तो उन्होंने कहा, मुझे इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि मंत्रालय का जिम्मा किसे सौंपा जाएगा। इस बारे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार फैसला करेंगे।
9 दिसंबर 2024 को संतोष देशमुख का कथित तौर पर अपहरण किया गया, उनके साथ मारपीट की गई और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी। वह जिले में एक उर्जा कंपनी से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश को रोकने का प्रयास कर रहे थे। धनंजय मुंडे पर इस्तीफा देने का दबाव तब बढ़ा, जब देशमुख की हत्या से पहले किए गए अत्याचार की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। ये तस्वीरें और वीडियो अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के आरोपपत्र में शामिल किए गए हैं। तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया।
अपने इस्तीफे के बाद एक बयान में मुंडे ने कहा था कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर और स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि देशमुख की हत्या से जुड़ी तस्वीरों को देखकर वह बहुत दुखी हैं। मुंडे का इस्तीफा विपक्ष और उनके अपने पार्टी के कुछ विधायकों और भाजपा द्वारा करीब तीन महीने तक उठाई गई इस्तीफे की मांग के बाद आया।
पिछले महीने नासिक जिले की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मंत्री माणिकराव कोकाटे को 1995 के एक मामले में दो साल की सजा सुनाई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने सरकारी कोटे के तहत फ्लैट हासिल करने के लिए जाली दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। हालांकि, बाद में सत्र न्यायालय ने उनकी सजा पर रोक लगा दी।