शिवसेना यूबीटी सांसद का अजित पवार को ऑफर
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महाराष्ट्र में हर दिन नया राजनीतिक संग्राम देखने को मिल रहा है। अब इस कड़ी में एक और नया बयान शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद विनायक राउत की तरफ से दिया गया है। जिस पर राज्य में सियासी बवाल होना तय है। बता दें कि, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से सांसद विनायक राउत ने एनसीपी प्रमुख अजित पवार के सामने बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि, अगर अजित पवार राज्य के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो उन्हें एमवीए (महा विकास अघाड़ी) में वापस आना चाहिए।
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महायुति में सीएम नहीं बन सकते अजित पवार- राउत
शिवसेना (यूबीटी) नेता विनायक राउत, जो अपनी पार्टी के सचिव हैं और अतीत में दो बार रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग के सांसद रह चुके हैं, ने कहा कि पवार मौजूदा राजनीतिक गठबंधन में मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। महायुति के सत्तारूढ़ गठबंधन में भाजपा, पवार की एनसीपी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना शामिल है। कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) विपक्षी ब्लॉक एमवीए के घटक हैं।
सपना देखने के बजाय हमारे साथ आएं- विनायक राउत
विनायक राउत ने कहा, 'अजित पवार कभी भी उस गठबंधन में सीएम नहीं बन सकते, जिसमें वे वर्तमान में हैं। अगर उन्हें सीएम बनना है, तो उन्हें एमवीए में वापस आना चाहिए। सीएम बनने का सपना देखने के बजाय, उन्हें ऐसी जगह आना चाहिए, जहां उन्हें वह अवसर मिल सके।' बता दें कि, साल 2023 में, अजित पवार आठ अन्य एनसीपी नेताओं के साथ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली कैबिनेट में शामिल हो गए, जिससे शरद पवार की तरफ से स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अलग हो गई। इसके बाद उन्हें पार्टी का नाम और उसका ‘घड़ी’ चिन्ह मिला।
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मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं अजित पवार
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहने वाले व्यक्ति हैं, जो पहले छह बार इस पद पर रह चुके हैं। उन्होंने पहले भी सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षाओं के बारे में बात की है। वहीं पिछले साल के राज्य विधानसभा चुनाव में, महायुति ने राज्य की 288 सीटों में से 230 सीटें जीतीं - भाजपा (132), एनसीपी (41) और शिवसेना (57), जबकि एमवीए सिर्फ 46 सीटों पर सिमट गई।