महाराष्ट्र में इस साल के अंत क विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राकांपा नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बारामती से चुनाव न लड़ने के संकेत दिए हैं। रविवार को बतौर विधायक अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों को लेकर उन्होंने बात की। रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने द्वारा कराए गए विकास कार्यों से संतुष्ट हैं। आगे बोलते हुए अजित ने कहा कि उन्होंने कभी भी बेबुनियाद और असंगत बयान देने वालों का समर्थन नहीं किया है। वे हमेशा ऐसी टिप्पणियों के विरोध में रहे हैं।
मेरे अलावा किसी को विधायक बनाएं बारामती वाले- अजित
बारामती से विधायक और महाराष्ट्र के डिप्टी पीएम रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने बारामती में हर वर्ग का और सर्वांगीण विकास किया है। इतना ही नहीं, पूरे राज्य में सबसे ज्यादा धनराशि बारामती के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने आगे कहा कि अब मेरी उम्र 65 साल हो गई है और मैं अब संतुष्ट हूं। आगे उन्होंने बारामती से चुनाव न लड़ने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि बारामती वालों को एक बार मेरे अलावा कोई और विधायक मिलना चाहिए, ताकि वे एक विधायक के रूप में वे मेरे और नए विधायक के बीच तुलना कर सकते हैं।
कल की थी गलती स्वीकार
इससे पहले, शनिवार को राकांपा नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि समाज परिवारों में दरार को पसंद नहीं करता और उन्होंने पहले ही अपनी गलती स्वीकार कर ली है। अजित ने कहा था कि उन्होंने अपनी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी को मैदान में उतारकर गलती की है और कहा कि राजनीति को घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
उनका ये बयान हाल के लोकसभा चुनावों में उनकी पत्नी सुनेत्रा और चचेरी बहन सुप्रिया सुले के बीच हुए चुनावी मुकाबले से जुड़ा हुआ था।
गौरतलब है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार 1991 से बारामती के विधायक हैं। इतना ही नहीं, 2019 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने भाजपा के गोपीचंद पडलकर पर 1.65 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की थी। वहीं, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को लोकसभा चुनावों में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा और उसने बारामती समेत चार में से तीन निर्वाचन क्षेत्रों में हार का सामना किया। इसके विपरीत, शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट ने 10 में से 8 सीटें जीतीं।