महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : एएनआई (फाइल)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत की अंतिम रिपोर्ट अगले साल जनवरी तक सौंपे जाने की उम्मीद है। दरअसल, पवार और चार अन्य लोगों की इस साल 28 जनवरी को बारामती हवाई अड्डे के पास लेयरजेट 45 विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसके बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच शुरू की थी।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
विधानसभा में विपक्ष की ओर से प्रायोजित पिछले सप्ताह के प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि एएआईबी से अगले साल जनवरी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट पहले ही प्राप्त हो चुकी है। जांचकर्ताओं ने विमान के ब्लैक बॉक्स से प्राप्त डेटा सहित डिजिटल साक्ष्यों का पुनर्निर्माण और पुनर्प्राप्ति कर ली है।
जांच के दौरान क्या सामने आया?
उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा, सरकार कोई भी आगे का निर्णय लेने से पहले एएआईबी के अंतिम निष्कर्षों का इंतजार करेगी, कि विमान दुर्घटना की जांच वैज्ञानिक प्रक्रियाएं हैं जिनमें अक्सर वर्षों लग जाते हैं। एएआईबी की जांच का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि जांच के दौरान बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और शेयर बाजार के लेनदेन सहित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में अब तक कुछ भी संदिग्ध सामने नहीं आया है।
उन्होंने आगे कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा चुका है और सरकार अंतिम जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही कार्रवाई करेगी। लीयरजेट 45 विमान के दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने से पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी और परिचारक के साथ-साथ कॉकपिट के दो क्रू सदस्य - पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शम्भावी पाठक - मारे गए।
विपक्ष, विशेषकर एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार, अनियमितताओं और विसंगतियों का आरोप लगाते हुए घटना की कई विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा जांच की मांग कर रहे हैं।