देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में शामिल सबरीमाला मंदिर में इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी) ने इस बार कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें भीड़ पर नजर रखने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल, कमरों की ऑनलाइन बुकिंग बढ़ाना और श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं शामिल हैं।
बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने कहा कि इस बार 'अयप्पा संगमम' कार्यक्रम नहीं होगा। उनके मुताबिक भगवान अयप्पा को किसी तरह के प्रचार की जरूरत नहीं है। इसलिए अब बोर्ड का पूरा ध्यान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने पर रहेगा।
क्या अब ऑनलाइन बुक होंगे 550 कमरे?
सन्निधानम में कुल 690 कमरे हैं। पहले इनमें से केवल 190 कमरों की ऑनलाइन बुकिंग होती थी। अब यह संख्या बढ़ाकर 550 कर दी गई है। इससे श्रद्धालुओं को लंबी कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक और राहत यह है कि सुरक्षा जमा राशि की व्यवस्था भी खत्म कर दी गई है। अब श्रद्धालु सिर्फ कमरे का किराया और 50 रुपये सेवा शुल्क देकर कमरा बुक करा सकेंगे। कमरों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी अब आउटसोर्स एजेंसी को दी जाएगी। इसके अलावा सबरी गेस्ट हाउस में 60 नए कमरे बनाने की भी तैयारी है। इसके लिए हाईकोर्ट और उच्चाधिकार समिति की मंजूरी ली जाएगी।
एआई कैसे रखेगी भीड़ पर नजर?
सबरीमाला में हर साल तीर्थयात्रा के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए इस बार मुख्यालय और सन्निधानम में एआई आधारित नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे। यहां से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर तुरंत व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकेगा। बोर्ड का मानना है कि इससे भीड़ को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।
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पांच बार होगी पडी पूजा
पडी पूजा की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी बुकिंग वर्ष 2048 तक पूरी हो चुकी है। ऐसे में तंत्री की अनुमति के बाद अब रोज एक की जगह पांच पडी पूजा कराने का फैसला लिया गया है। इससे ज्यादा श्रद्धालुओं को पूजा का अवसर मिल सकेगा।
अन्नदानम योजना में भी बदलाव किया गया है। अब किसी व्यक्ति के नाम से भोजन प्रायोजित नहीं होगा। सभी श्रद्धालुओं को बोर्ड की ओर से एक जैसा पारंपरिक केरल भोजन दिया जाएगा।
बीमा और सफाई पर भी जोर
पिछले तीर्थ सीजन में जिन 54 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, उनके परिवारों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। यह राशि वर्चुअल कतार टिकट के साथ लिए जाने वाले पांच रुपये के फंड से दी जाएगी। इसके अलावा बोर्ड एलआईसी के साथ व्यापक बीमा योजना पर भी बातचीत कर रहा है।
मानसून खत्म होने के बाद पूरे मंदिर परिसर की विशेष सफाई कराई जाएगी। निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए वास्तुविद्या गुरुकुलम सलाह देगा। वहीं यात्रियों के ठहरने और अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच विशेष तकनीकी टीम करेगी। बोर्ड का कहना है कि इस बार कोशिश है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और पहले से ज्यादा सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले।