अजित पवार के निधन के बाद 2024 का एक किस्सा फिर सामने आया है, जब खराब मौसम में हेलीकॉप्टर यात्रा के दौरान उन्हें डर लगा था और उन्होंने भगवान का नाम जपना शुरू किया था। यह अनुभव उन्होंने खुद मंच से सुनाया था। इस दौरान उनके साथ फडणवीस भी मौजूद थे। आइए इस किस्से पर एक नजर डालते हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद उनकी कही एक पुरानी बात सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। यह किस्सा 2024 का है, जब खराब मौसम में हेलीकॉप्टर से उड़ान भरते समय उन्हें घबराहट हुई थी। तब उन्होंने भगवान का नाम जपना शुरू कर दिया था। यह अनुभव उन्होंने खुद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हल्के-फुल्के अंदाज में सुनाया था, जो आज भावुक कर देने वाला बन गया है।
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किस साल की है ये घटना?
यह घटना 17 जुलाई 2024 की है, जब अजित पवार नागपुर से गडचिरोली हेलीकॉप्टर से जा रहे थे। उनके साथ तत्कालीन उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उद्योग मंत्री उदय सामंत भी थे। घने बादलों के बीच दृश्यता शून्य हो गई थी। इस अनुभव को पवार ने मंच से साझा किया था।
खराब मौसम में क्या हुआ?
पवार ने बताया था कि हेलीकॉप्टर बादलों में घुसते ही बाहर कुछ भी दिखना बंद हो गया। न जमीन, न पेड़ कुछ नहीं। उन्होंने फडणवीस से कहा कि हम अंधेरे में उड़ रहे हैं, लेकिन फडणवीस बिल्कुल शांत थे। उन्होंने पवार को भरोसा दिलाया कि ऐसे हालात वे पहले भी झेल चुके हैं और कुछ नहीं होगा। इस बीच पवार के मन में डर था और उन्होंने आषाढ़ी एकादशी के दिन पांडुरंगा का नाम जपना शुरू कर दिया।
उड़ान के दौरान माहौल
पवार ने बताया था कि उनके दाईं ओर बैठे उदय सामंत भी घबराए हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही जमीन दिखी, सबने राहत की सांस ली। पवार ने मजाक में कहा था कि सब सुरक्षित पहुंच पाए, यह बुजुर्गों के पुण्य का असर था। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे अनुभव इंसान को हिला देते हैं और सावधानी जरूरी है।
बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। ऐसे में 2024 की यह घटना उनके मानवीय पक्ष और विश्वास को सामने लाती है। जिस नेता को लोग दादा कहकर जानते थे, वह भी कठिन क्षणों में ईश्वर का सहारा लेते थे। यह किस्सा अब उनकी यादों के साथ और गहराई से जुड़ गया है।