महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार बृहस्पतिवार को मंच पर एक साथ तो जरूर दिखाई दिए, लेकिन यहां भी दोनों के बीच की दूरी में एक कुर्सी का फासला नजर आया। भतीजे अजित के अलग होने की वजह से 2023 में एनसीपी का विभाजन हो गया था, तब से दोनों ने एक-दूसरे से दूरी बनाई हुई है।
एनसीपी विभाजन के बाद पहली बार अजित पवार ने वसंतदादा चीनी संस्थान (वीएसआई) की वार्षिक आम सभा की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और संस्थान अध्यक्ष शरद पवार से थोड़ी दूरी बनाए रखी। अजित ने अपने बैठने की व्यवस्था शरद पवार से एक कुर्सी दूर कराई।
शुरुआती व्यवस्था के अनुसार, दोनों को एक-दूसरे के बगल में बैठना था। उपमुख्यमंत्री पवार ने अपनी नेमप्लेट एक कुर्सी दूर कर दी, जिससे राज्य के सहकारिता मंत्री बाबा साहब पाटिल उनके बीच बैठ गए। बता दें कि अजीत पवार पुणे स्थित वीएसआई के सदस्य हैं, जो चीनी उद्योग का एक प्रमुख शोध संस्थान है।
मैं शरद पवार से कभी भी बात करता सकता हूं: अजित
सीट पुनर्व्यवस्था के बारे में जब उपमुख्यमंत्री पवार से पूछने पर उन्होंने जवाब में कहा- बाबा साहब पवार साहब से बात करना चाहते थे। मैं उनसे (शरद पवार) से कभी भी बात कर सकता हूं। भले ही मैं एक कुर्सी दूर बैठूं, मेरी आवाज इतनी तेज होगी कि दूर बैठा कोई भी सुन सकता है।
पिछले दो वर्षों में वीएसआई की वार्षिक आम सभा की बैठकों से उनकी अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर, अजित पवार ने कहा कि वह अपनी कार्य प्रतिबद्धताओं के कारण अनुपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह इस बारे में सोचने में व्यस्त थे कि कैसे अपने अधिकतम सदस्यों को निर्वाचित किया जाए।
चीनी उद्योग के मुद्दों पर केंद्रित थी बंद कमरे में बैठक: अजित
एनसीपी प्रमुख ने शरद पवार और एनसीपी विधायक दिलीप वाल्से पाटिल सहित अन्य नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक की। इसके बारे में उन्होंने बताया कि बैठक चीनी उद्योग के मुद्दों पर केंद्रित थी। इसमें कृषि, आबकारी, सहकारिता और ऊर्जा विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जो सभी चीनी क्षेत्र से निकटता से जुड़े हुए हैं।
दोनों कप्तानों का एक साथ आना स्वागत योग्य: रोहित
वहीं, एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा कि दोनों कप्तानों का एक साथ चर्चा के लिए आना स्वागत योग्य है। इस बैठक के बारे में पूछे जाने पर, महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख और राज्य मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चर्चा राजनीतिक प्रकृति की थी या नहीं।
पुरस्कार राशि बढ़ाने का अजित पवार का सुझाव स्वीकार किया
बैठक में अपने भाषण के दौरान, अजित पवार ने दो पुरस्कारों की पुरस्कार राशि को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का सुझाव दिया। सुझाव को स्वीकार कर लिया गया और शरद पवार ने अपने संबोधन के दौरान इस आशय की घोषणा की।
अस्वस्थ होने के बाद भी शरद पवार ने संबोधित की सभा
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने अस्वस्थ होने के बावजूद सभा को संबोधित किया। अपने 18 मिनट के संबोधन के दौरान उन्हें खांसते हुए देखा गया।