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एयरपोर्ट के करीब दिखते ही मार गिराया जाएगा दुश्मन का ड्रोन

Sat, 09 Mar 2019 03:07 PM IST
अमित मंडल जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
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CISF - फोटो : PTI
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भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी को लेकर देश के सभी एयरपोर्ट्स की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को मौजूदा समय में जो खुफ़िया अलर्ट मिल रहे हैं, उनमें ड्रोन से हमला एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। इससे निपटने के लिए सीआईएसएफ, एटीसी (एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर) और एयरफोर्स संयुक्त मेकेनिज्म पर काम कर रही हैं।

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यह तय है कि किसी भी एयरपोर्ट के निकट कोई ड्रोन दिखाई पड़ा तो उसे फौरन मार गिराया जाएगा। इसके लिए संबंधित एजेंसी को एलएमजी सहित दूसरे हथियार मुहैया करा दिए गए हैं। साथ ही प्रारम्भिक तौर पर आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल शुरु कर दिया गया है। ड्रोन को लेकर जो भी इनपुट मिलेगा, वह रियल टाइम पर तीनों एजेंसियों के बीच साझा किया जाएगा। अगर कोई ड्रोन एयरपोर्ट से छह सौ मीटर की दूरी पर है तो एयरफोर्स उसे गिरा देगी।

बता दें कि पुलवामा हमले के बाद खुफ़िया एजेंसियों को लगातार आतंकी हमलों के अलर्ट मिल रहे हैं। खासतौर से जम्मू-कश्मीर के बाहर भी आतंकी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैं। एयरपोर्ट पर भी आतंकियों की बुरी नजर है। सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन ने गुरुवार को बताया कि सीआईएसएफ किसी भी आतंकी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। हमारा प्रयास है कि ऐसा कोई हमला होने से पहले ही उसे अंजाम देने वालों को दबोच लिया जाए।
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एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला न हो, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर एक प्रभावी योजना तैयार की जा रही है। गृह मंत्रालय के निर्देशन में यह योजना बन रही है। डीआईजी अनिल कुमार पांडे का कहना है कि सीआईएसएफ ने ड्रोन जैसे खतरे से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

एटीसी, एयरफोर्स और सीआईएसएफ मिलकर ड्रोन हमले को नाकाम कर देगी। देश के 61 एयरपोर्ट व दूसरे संस्थान, जिनकी सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ के कंधों पर है, वे सभी पूर्णतया सुरक्षित हैं। फिलहाल ड्रोन को मार गिराने के लिए एटीसी और एयरफोर्स से सीआईएसएफ को अविलंब सूचना मिलती है।  

सीआईएसएफ के पास छह सौ मीटर की ऊंचाई तक के ड्रोन को मार गिराने की क्षमता है। अगर वह हमारी क्षमता से बाहर है तो एयरफोर्स उसे मार गिराती है। एटीसी के अलावा पायलट भी ड्रोन पर नजर रखते हैं। अगर उन्हें ऐसा कुछ दिखाई पड़ता है तो वे एटीसी को बता देते हैं।

उसके बाद सीआईएसएफ या एयरफोर्स उसे मार गिराती है। ड्रोन की दिशा का पता करने के लिए अभी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस उपकरणों पर काम चल रहा है। जल्द ही यह सिस्टम भी लागू कर दिया जाएगा।

 

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इन जगहों पर भी ड्रोन सुरक्षा का हो रहा पुख्ता इंतजाम

-न्यूक्लियर संस्थान
-स्पेस से जुड़े संस्थान
-पावर प्लांट (गैस, थर्मल और हाइड्रो)
-संवेदनशील सरकारी भवन
-रक्षा उत्पाद यूनिट
-फर्टिलाइजर एंड केमिकल
-बंदरगाह
-ऑयल रिफायनरी
-दिल्ली मेट्रो
-हेरिटेज बिल्डिंग
-प्राइवेट सेक्टर ज्वाइंट वेंचर
-नोट प्रिंटिंग मशीन
-वीआईपी सिक्योरिटी

सीआईएसएफ के 1000 जवानों की जेब पर लगेगा बॉडी वॉर्न कैमरा

डीजी राजेश रंजन ने दावा किया है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए इस साल एक हजार बॉडी वॉर्न कैमरे खरीदे जा रहे हैं। सुरक्षाकर्मी अपनी डयूटी करता रहेगा और कैमरा तुरंत किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना कंट्रोल रूम को दे देगा। इन सभी कैमरों को आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस से जोड़ा जा रहा है। इसका फ़ायदा यह रहेगा कि संदिग्ध वस्तु की पहचान करने के बाद कंट्रोल रुम खुद ही संबंधित सिक्योरिटी पर्सन तक वह सूचना पहुंचा देगा। इससे किसी वारदात को होने से पहले ही उसे रोका जा सकेगा।
    

 
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