सुरक्षा एजेंसियों की कनाडा निवासी 35 वर्षीय सिख महिला पर पैनी नजर है। खुफिया जानकारी केमुताबिक यह महिला अपने साथियों के साथ देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना को अंजाम देने की फिराक में है।
रिपोर्ट के मुताबिक विदेशों में रह रहे खालिस्तान समर्थकों का एक गुट भारत में प्रवेश कर चुका है। यह महिला इसी गुट का हिस्सा है।खुफिया एजेंसियों ने सरकार को बताया है कि उस सिख महिला की पहचान सुनिश्चित कर ली गइ है। उसके पासपोर्ट की मियाद दिसंबर 2016 में खतम होने वाली है।
एजेंसी ने देश के सभी हवाईअड्डों और रेलवे और मेट्रो सेवा विभाग को इस खतरे केप्रति एलर्ट किया है। एजेंसी सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ सालों से विदेशों में रह रहे खालिस्तान समर्थकों की सक्रियता बढी है।
एजेसियां यह भी सुनिश्चित कर रही हैकि कहीं अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस तो खालिस्तान समर्थकों केबीच सेंध तो नहीं मार रहा। । सूत्रों केमुताबिक पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने खालिस्तान समर्थक कई आतंकियों को अपना शरण दे रखा है। यह आतंकी अस्सी के दशक में उग्र हुए पंजाब आतंकवाद के दौरान सक्रिय थे।
पंजाब में उग्रवाद की कमर टूटने केबाद कई खूंखार आतंकी आईएसआई की शरण में चले गए थे। सुरक्षा एजेंसियों केमुताबिक खालिस्तान समर्थकों की गुटबंदी खतरे की घंटी है जिसे किसी भी लिहाज से अनदेखा नहीं किया जा सकता।