एयरसेल-मैक्सिस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेता पी चिंदंबरम की कथित भूमिका की जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है। चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) का उल्लंघन किया है। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ आरोपों पर सबूत मांगे थे। दरअसल याचिकाकर्ता बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने याचिका में आरोप लगाया है कि एयरसेल मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी जबकि ये डील 3500 करोड़ की थी
गौरतलब है कि इससे पहले एयरसेल-मैक्सिस मामले में टूजी की विशेष अदालत द्वारा पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन सहित अन्य को आरोप मुक्त किए जाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया था।
वहीं, शीर्ष अदालत ने आरोपियों की जब्त 750 करोड़ रुपये संपत्तियों को रिलीज करने की इजाजत दे दी थी। एयरसेल मेक्सिस से संबंधित दो मामले में नई दिल्ली स्थित एक विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए पूर्व केंद्रीय दूरसंचार दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया।