एयर एशिया एयरलाइंस की फ्लाइट के पाइलेट की लापरावाही की वजह से एक बड़ा हादसा होने से टला है। करीब 100 लोगों की जान इस हादसे के न होने से बच गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक एयर एशिया और इंडिगो की फ्लाइट्स महज एक-दूसरे से 9 किलोमीटर दूर थी। बताया जा रहा है कि ये रास्ता महज 15 सेकेंड में पूरा होने वाला था।
दरअसल, रविवार को एयर एशिया की फ्लाइट आई5 768 और बगडोगरा से दिल्ली आ रही थी। इसी बीच इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से बगडोगरा जा रही थी। जब एयर एशिया की फ्लाइट वाराणसी के एयरस्पेश में दाखिल हुई तो उसके पाइलेट को निर्देश दिए गए कि वो फ्लाइट को 34 हजार फीट के दायरे में चलाएं। पाइलेट ने मैसेज पा लिया लेकिन इसका पालन नहीं किया।
वह फ्लाइट को 33 हजार फीट पर ले आया। हालात ये हो गए कि दोनों प्लेन महज 9 किलोमीटर की दूरी पर थे, जब ये टक्कर होने से बची। इसी बीच प्लेन के अंदर टक्कर से बचाने वाले सिस्टम ने पाइलेट को दूसरी फ्लाइट के बारे में आगाह कर दिया। इस सिस्टम की वजह से एक बड़ा हादसा तो टल गया है, लेकिन लापरावाही पर गंभीर जांच की जा रही है।
एयर एशिया के प्रवक्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी चूक हुई हैं। एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेसटिगेशन बोर्ड के सीनियर अधिकारी जितेंद्र लॉरा मामले की जांच कर रहे हैं। एटीसी ने एयर एशिया को बड़ी चूक पर चेतावनी भी दी है।