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सर्दियों से पहले बढ़ा प्रदूषण: चार राज्यों के 13 शहरों की हवा दिल्ली से भी अधिक जहरीली, कहां का एक्यूआई 378?

Fri, 23 Oct 2026 04:17 AM IST
देवेश त्रिपाठी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सर्दियों की शुरुआत से पहले देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय बन गया है। हरियाणा के पंचगांव में वायु गुणवत्ता सूचकांक 378 दर्ज किया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के हापुड़ और बड़ौत में यह 328 रहा। निगरानी वाले 254 शहरों में से केवल 123 शहरों की हवा अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में दर्ज हुई। 
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सर्दियों से पहले प्रदूषण का बढ़ा प्रकोप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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सर्दियों की शुरुआत के साथ ही देशभर में हवा तेजी से बिगड़ने लगी है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत देश के चार राज्यों के 13 शहरों की हवा दिल्ली से ज्यादा खराब हो गई है। गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 223 रहा। इससे अधिक एक्यूआई वाले शहरों में यूपी के सात शहर, हरियाणा के चार शहर हैं। इनके अलावा राजस्थान का खैरथल का एक्यूआई 232 और ओडिशा के अंगुल का 244 रहा।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में चार यूपी के हैं। 328 एक्यूआई के साथ हापुड़ सबसे प्रदूषित रहा। वहीं, हरियाणा के मानेसर का पंचगांव 378 एक्यूआई के साथ देश में सबसे प्रदूषित रहा। देशभर में निगरानी वाले 254 शहरों में से केवल 123 में ही वायु गुणवत्ता अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में है।

उत्तर प्रदेश के नौ और देशभर के 20 शहरों में एक्यूआई 200 से अधिक
देशभर के 20 शहरों में एक्यूआई 200 से अधिक है। इनमें नौ शहर यूपी के हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के 29 शहरों में से 13 में हवा की हालत चिंताजनक बनी हुई है। देशभर के प्रदूषित शहरों की हवा में मुख्य रूप से पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषक पाए गए हैं। धूल के इन महीन कणों से भरी हवा में लंबे समय तक रहने पर सांस लेने में दिक्कत होती है। ये कण फेफड़ों तक पहुंचते हैं व बीमारियों का कारण बनते हैं।
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हाईकोर्ट ने कहा-मुंबई की हवा दिल्ली से जहरीली, अफसरों को चैन की नींद कैसे
मुंबई। आर्थिक राजधानी मुंबई में हवा की बिगड़ती स्थिति पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यह शहर प्रदूषण में दिल्ली से भी आगे निकल गया है। जब लाखों लोग प्रदूषण के बुरे प्रभावों से जूझ रहे हैं और आपातकाल वाली स्थिति बनी हुई है, तो इन उपायों को लागू करने वाले जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद कैसे सो सकते हैं? 

कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि कर्तव्यों का पालन न करने के लिए अफसरों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। नगर निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस प्रशासन को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि वे त्योहारों के दौरान शोर व वायु प्रदूषण को रोकने के आदेशों को लागू करने में नाकाम रहे हैं। एजेंसी

आइजोल में एक्यूआई 20
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार देशभर में निगरानी वाले 254 शहरों में से आधे से ज्यादा में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है। केवल 123 शहरों में ही वायु गुणवत्ता अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में है। यह आने वाले दिनों में संकट का संकेत है। 111 शहरों में हवा मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। इसके अलावा 17 शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब और 3 शहरों में बेहद खराब पाई गई है। 

तीन शहरों में एक्यूआई 300 पार

क्रम संख्या

शहर

एक्यूआई

1

पंचगांव

378

2

हापुड़

328

3

बड़ौत

328

4

बागपत

282

5

मेरठ

281

6

खोड़ा

256

7

अंगुल

244

8

करनाल

242

9

नोएडा

242

10

दिल्ली

223


एनसीआर में पराली जलाने से 7% ही प्रदूषण, सर्वाधिक 19% वाहनों से 
दिल्ली-एनसीआर में पराली जलाने से ज्यादा सड़कों पर दौड़ते वाहन हवाओं में जहर घोल रहे हैं। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान के अनुसार, दिल्ली में बृहस्पतिवार को सर्वाधिक 19% प्रदूषण वाहनों के उत्सर्जन से हुआ। एक दिन पहले यह आंकड़ा 21% था। वहीं, प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी 3 से बढ़कर 7% हो गई। शुक्रवार को यह 15% और शनिवार को 10% रह सकता है। 

पराली जलाने पर 52 एफआईआर 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया
चंडीगढ़। हरियाणा व एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के इंतजामों की शुक्रवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने समीक्षा की। कृषि विभाग के निदेशक अमित खत्री ने बताया किया कि पराली में जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए इस बार 52 एफआईआर दर्ज कर 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री के साथ ही जुर्माना भी लगाया। 
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