भारतीय वायुसेना के दक्षिण-पश्चिमी एयर कमांड के प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर को देश के राष्ट्रपति द्वारा ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान युद्धकालीन सेवाओं में दिए गए सबसे विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है और यह भारतीय सेना का सबसे बड़ा युद्धकालीन सम्मान है। एयर मार्शल कपूर ने इस सम्मान के लिए खुशी जाहिर की। साथ ही इस सम्मान को सभी सैनिकों का सपना बताया।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान मेरे सैन्य जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह ऐसा ताज है, जो हर सैनिक अपने करियर में पाने का सपना देखता है। जब सरकार और देश के लोग आपको यह मान्यता देते हैं कि आपने युद्ध के दौरान देश के लिए कुछ अहम किया है, तो उससे बड़ा संतोष कुछ नहीं हो सकता।
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका के चलते मिला सम्मान
एयर मार्शल कपूर ने बताया कि यह सम्मान उन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भूमिका के कारण मिला है। उन्होंने कहा कि हमारी ट्रेनिंग, हमारी तैयारी, सब कुछ ऐसे ही किसी मौके के लिए होती है। और जब 40 साल की मेहनत के बाद एक मौका मिलता है कि आप अपना अनुभव देश के लिए इस्तेमाल कर पाएं और उसमें सफलता मिले, तो वह भाव शब्दों में नहीं बताया जा सकता।
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तकनीकी दक्षता की जरूरत
एयर मार्शल कपूर ने कहा कि आज की बदलती भूराजनीतिक स्थितियों में देश को आत्मनिर्भर बनना बहुत जरूरी है। कभी भी सप्लाई चेन टूट सकती है, इसलिए हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध सिर्फ हथियारों से नहीं, तकनीक से भी लड़े जाएंगे। आज के नए अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनना होगा।
दक्षिण-पश्चिमी एयर कमांड की भूमिका
उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण-पश्चिमी एयर कमांड ने कैसे दुश्मन के एयरफील्ड्स और रडार्स पर हमला किया। हमने 7 मई की रात को ही जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी। हालांकि यह सब वेस्टर्न एयर कमांड के साथ मिलकर किया गया था। हमारा उद्देश्य भारतीय वायुसेना की संयुक्त ताकत को दिखाना था।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर भी बोले कपूर
इसके साथ ही अंत में एयर मार्शल कपूर ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। साथ ही कहा कि इस ऑपरेशन से भारत की ताकत और रणनीतिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सराहा गया। हमारे देश ने दुनिया के सामने यह दिखाया कि हम सिर्फ तैयारी नहीं करते, जरूरत पड़ने पर उसे असरदार तरीके से अंजाम भी दे सकते हैं।