इसी महीने टाटा समूह के हाथों में सौंपी गई एयर इंडिया के सुधार की कोशिशें शुरू हो गई हैं। जहां पहले ही टाटा की तरफ से इस विमान सेवा में यात्रियों के लिए कुछ आमूलचूल बदलावों का एलान किया गया था। वहीं, अब कंपनी ने अपने केबिन क्रू के लिए भी कुछ नियम तय कर दिए हैं। ताजा जारी हुई एडवायजरी में कहा गया है कि विमान में सवार क्रू को कम से कम ज्वैलरी पहननी होगी। साथ ही यात्रियों के विमान में चढ़ने से पहले उन्हें किसी भी तरह के खाने और पीने की इजाजत नहीं होगी। इन नियमों के सख्ती से पालन की भी हिदायत दी गई है।
एयर इ़ंडिया की तरफ से रविवार को जो एडवायजरी जारी हुई है, उसमें केबिन क्रू से एयरलाइन के ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (मौके पर प्रदर्शन) को बेहतर करने पर जोर दिया गया है।
क्या हैं एडवायजरी के मुख्य बिंदु?
1. केबिन क्रू को यूनिफॉर्म से जुड़े सभी नियमों को मानना होगा। इसके तहत उन्हें कम से कम ज्वैलरी पहननी होगी, ताकि उन्हें कस्टम्स और सुरक्षा जांच में ज्यादा देरी का सामना न करना पड़े।
2. केबिन क्रू को उन दुकानों में नहीं जाना चाहिए, जहां सामान पर ड्यूटी लगाने का प्रावधान न हो। साथ ही उन्हें सुरक्षा जांच के बाद तुरंत ही बोर्डिंग गेट पर पहुंच जाना चाहिए।
3. केबिन सुपरवाइजर को सुनिश्चित करना होगा कि पूरा क्रू केबिन में ही मौजूद रहे। क्रू को यात्रियों के आने से पहले किसी भी तरह का खाना या पीना नहीं करना चाहिए, ताकि वे मेहमानों को ठीक से बैठाने और उनकी मदद के काम में शामिल हो सकें।
एयर इंडिया की ताजा गाइडलाइंस ऐसे समय में आई हैं, जब हाल ही में केबिन क्रू की एक यूनियन ने कंपनी की ओर लाए गए कथित बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और वजन नापने के प्रावधान का विरोध किया था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 20 जनवरी को एयर इंडिया ने सर्कुलर जारी कर सभी क्रू सदस्यों को निर्देश दिया था कि वे अपनी लंबाई के तहत वजन का ख्याल रखें, ताकि उनके शरीर का संतुलन ठीक लगे। इसके अलावा वे वजन को हर तीन महीने में चेक करवाते रहें।
इसी सर्कुलर में कहा गया था- "केबिन क्रू, जो अच्छी ड्रेस में होते हैं और अच्छी तरह तैयार होकर आते हैं, वे एयरलाइन की सकारात्मक और पेशेवर छवि सामने रखते हैं।" गौरतलब है कि एयर इंडिया आधिकारिक तौर पर 27 जनवरी को टाटा के हाथ में आई थी। तबसे लेकर अब तक कर्मचारियों के लिए कई एडवायजरी जारी हो चुकी हैं।