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Air India New Dreamliner Operation: एअर इंडिया नई ड्रीमलाइनर के सशर्त संचालन को तैयार, FAA से मंजूरी का इंतजार

Fri, 23 Jan 2026 11:05 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एअर इंडिया एक फरवरी से अपने नए बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर का संचालन सीमित सुविधाओं के साथ करेगी। एफएए की मंजूरी न मिलने के कारण बिजनेस क्लास के प्राइवेसी डोर और इकोनॉमी की 18 सीटें अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। यह टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद पहला कस्टम-मेड ड्रीमलाइनर है। आइए पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं।
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एअर इंडिया - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एअर इंडिया अपने बेड़े में बड़े बदलाव कर रही है, लेकिन नई शुरुआत कुछ शर्तों के साथ होगी। एअर इंडिया अपने नए बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान का संचालन सीमित सुविधाओं के साथ करने जा रही है। अमेरिकी विमानन नियामक एफएए से कुछ तकनीकी मंजूरियों का इंतजार होने के कारण यह फैसला लिया गया है। यह विमान एक फरवरी से मुंबई-फ्रैंकफर्ट रूट पर व्यावसायिक उड़ान शुरू करेगा।

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सूत्रों के मुताबिक, यह नया बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एअर इंडिया के बेड़े में शामिल होने वाला पहला कस्टम-मेड विमान है। विमान में कुल 296 सीटें हैं, जिनमें 30 बिजनेस क्लास, 28 प्रीमियम इकोनॉमी और 238 इकोनॉमी क्लास सीटें शामिल हैं। हालांकि, एफएए की मंजूरी नहीं मिलने तक इकोनॉमी क्लास की 18 सीटें उपयोग में नहीं लाई जाएंगी।

बिजनेस क्लास में प्राइवेसी डोर पर रोक
एअर इंडिया ने साफ किया है कि बिजनेस क्लास सुइट्स में लगे स्लाइडिंग प्राइवेसी डोर फिलहाल यात्रियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ये दरवाजे खुले ही रखे जाएंगे, क्योंकि इस फीचर को लेकर एफएए की नियामकीय स्वीकृति लंबित है। एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा कि अन्य सभी सीट फीचर्स पूरी तरह चालू रहेंगे और उम्मीद है कि प्राइवेसी डोर को भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी।
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18 इकोनॉमी सीटें अस्थायी रूप से बंद
इसके अलावा, इकोनॉमी क्लास की 18 विशेष सीटों को बिक्री और उपयोग से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। एअर इंडिया का कहना है कि इन सीटों का मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित है और कई वैश्विक एयरलाइंस में इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन कुछ नियामकीय व्याख्या के चलते इन सीटों को लेकर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। एफएए ने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है, जबकि बोइंग की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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भविष्य की योजना और वैश्विक संदर्भ
एअर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि ये सीमाएं केवल नए बोइंग 787-9 विमानों पर लागू होंगी, न कि रेट्रोफिट किए गए बोइंग 787-8 विमानों पर। दोनों विमानों के इंटीरियर और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया अलग-अलग होती है। फिलहाल एअर इंडिया के बेड़े में 33 बोइंग 787 विमान हैं। वर्ष 2026 में कंपनी के बेड़े में तीन और बोइंग 787-9 तथा दो ए350-1000 विमान जुड़ेंगे। उद्योग सूत्रों के अनुसार, कुछ अन्य वैश्विक एयरलाइंस भी अपने नए ड्रीमलाइनर विमानों में बिजनेस क्लास सीटों के लिए नियामकीय मंजूरी का इंतजार कर रही हैं।

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