देश में पिछले कुछ समय में विमानों के साथ पक्षियों के टकराने की कई घटनाएं हुई हैं। ऐसा ही एक मामला केरल में सामने आया है। यहां सोमवार को दिल्ली जा रहे एयर इंडिया के एक विमान के उड़ान भरते ही एक पक्षी उससे टकरा गया। जिसके कारण एयर इंडिया के विमान की कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग की गई।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विमान के पक्षी से टकराने के बाद विमान को जांच के लिए कन्नूर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर लैंड किया गया। यहां विमान की जांच और उसका रखरखाव किया गया। हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया के इस विमान में 135 यात्री सफर कर रहे थे। विमान ने कोझीकोड से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी।
हवाई अड्डे के एसएचओ ने बताया कि 135 यात्रियों में से 85 कोझीकोड के और 50 कन्नूर के थे। वे सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि एयरलाइंस ने विदेश जाने वाले यात्रियों को अन्य उड़ानों में समायोजित किया है। वहीं, दिल्ली जाने वाले यात्रियों को कन्नूर के दो होटलों में ठहराया गया है। इन यात्रियों को मंगलवार को दिल्ली भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
पहले भी हुई है ऐसी घटनाएं
बता दें कि देश में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान विमानों के साथ पक्षियों के टकराने की कई घटनाएं हुई हैं। बीते चार अगस्त को चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरने वाली गो फर्स्ट की फ्लाइट के चपेट में एक पक्षी के आ जाने के कारण उसे अहमदाबाद लौटा दिया गया था। उससे पहले 19 जून को पटना हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद 185 यात्रियों को लेकर दिल्ली जाने वाले स्पाइसजेट विमान के एक इंजन में आग लग गई थी और विमान ने कुछ मिनटों बाद आपातकालीन लैंडिंग की थी। जांच में यह बात सामने आई कि पक्षी के टकराने से इंजन में खराबी आ गई थी।
विमानन नियामक डीजीसीए ने जारी किए थे दिशा-निर्देश
इसके बाद विमानन नियामक डीजीसीए ने दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें रैंडम पैटर्न में नियमित गश्त करना और जब भी कोई वन्यजीव से जुड़ी गतिविधि हो इस बारे में पायलटों को सूचित करना आदि शामिल हैं।
डीजीसीए ने जारी सर्कुलर में सभी हवाईअड्डा संचालकों से कहा था कि वे अपने वन्यजीव जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम की समीक्षा करें ताकि बर्ड हिटिंग से बचने के लिए अंतराल की पहचान की जा सके और एरोड्रोम के आसपास सुरक्षा के लिए सख्त कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने देश के हवाईअड्डा संचालकों से कहा कि वे वन्यजीवों के जोखिमों का आकलन करते हुए विमान को इनसे होने वाले नुकसान के अनुसार उन्हें रैंक करें। डीजीसीए ने कहा है कि हवाईअड्डों के पास वन्यजीवों की आवाजाही के आंकड़ों की निगरानी और इसे रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया होनी चाहिए।