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Air India: ड्रीमलाइनर में बार-बार तकनीकी खराबी, विमान संचालन पर डीजीसीए सख्त; एअर इंडिया से मांगा जवाब

Wed, 31 Dec 2025 08:47 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

DGCA strict action on Air India: डीजीसीए ने बार-बार तकनीकी खराबी के बावजूद बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के संचालन को लेकर एअर इंडिया से जवाब मांगा है। नियामक ने एमईएल नियमों के उल्लंघन, विमान भेजने के फैसले और फ्लाइट क्रू की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। 
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एअर इंडिया - फोटो : एअर इंडिया
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विस्तार
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यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों के बीच नागरिक उड्डयन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एअर इंडिया से जवाब तलब किया है। डीजीसीए ने एअर इंडिया द्वारा बार-बार तकनीकी खराबी के बावजूद बोइंग ड्रीमलाइनर विमान का संचालन किए जाने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। 

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सूत्रों के मुताबिक, डीजीसीए ने इस सप्ताह एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में बार-बार सामने आई तकनीकी दिक्कतों का जिक्र है। इसके साथ ही 28 जून को संचालित एक उड़ान में मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट यानी एमईएल के पालन में चूक का आरोप भी लगाया गया है।

किन उड़ानों पर उठे सवाल
नियामक ने जिन उड़ानों को लेकर आपत्ति जताई है, उनमें एअर इंडिया की फ्लाइट AI-258 और AI-357 शामिल हैं। ये दोनों उड़ानें दिल्ली से टोक्यो रूट पर संचालित होती हैं। डीजीसीए का कहना है कि इन उड़ानों के संचालन के दौरान विमान की स्थिति और तकनीकी पहलुओं को लेकर गंभीर सुरक्षा चिंताएं सामने आईं।
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तकनीकी खराबी के बावजूद उड़ान
सूत्रों के अनुसार, डीजीसीए ने नोटिस में यह भी कहा है कि विमान में पहले से मौजूद तकनीकी खराबियों और सिस्टम में गिरावट की जानकारी होने के बावजूद इसका संचालन किया गया। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जोखिम भरा कदम माना जा रहा है।

क्रू के फैसलों पर भी सवाल
नोटिस में फ्लाइट क्रू के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। डीजीसीए का मानना है कि विमान भेजने से पहले सुरक्षा मानकों और एमईएल नियमों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए था। इस मामले में क्रू और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

एअर इंडिया की चुप्पी
इस पूरे मामले पर एअर इंडिया की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं हो पाया है कि विवादित विमान वीटी-एएनआई फिलहाल परिचालन में है या नहीं। डीजीसीए के नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई एअर इंडिया के जवाब पर निर्भर करेगी।
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यात्रियों की सुरक्षा पर जोर
नागरिक उड्डयन नियामक ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच में गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो एयरलाइन के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। यह कार्रवाई विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन का संदेश मानी जा रही है।


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