बीते सोमवार को दिल्ली से मुम्बई जा रहीं एयर इंडिया की उड़ान 317 के यात्रियों को एसी फेल होने की वजह से भयानक तपती गर्मी के साथ अपनी यात्रा करनी पड़ी। विमान में उस समय 300 से ज्यादा यात्री सवार थे। यात्रियों के मुताबिक विमान, यात्रा के दौरान तंदूर भट्टी में तब्दील हो गई थी। लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था, पर इसके बावजूद यात्रा के दौरान जहाज के क्रू मेंबर ने यात्रियों को पीने के लिए पानी तक नहीं दिया।
एयर इंडिया की यह फ्लाइट 5 घंटे विलंब से थी, और जब यात्री सवार हुए तभी से विमान में एसी नहीं चल रहा था। यात्रियों ने इसकी शिकायत की लेकिन उनकी शिकायत के बावजूद कैप्टन एस.के.झा ने क्रू को विमान को बिना एसी के ही उड़ान भरने का दिशा-निर्देश दे दिया। यात्रियों में बुजुर्ग से लेकर चार माह के बच्चे तक शामिल थे, जिन्हें यात्रा के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
फ्लाइट में यात्रा कर रहे एक दंपति ने नागर विमानन मंत्रालय और केंद्रीय राज्य मंत्री महेश शर्मा से एयरहोस्टेस की अशिष्ट व अभद्र बताते हुए शिकायत की है। दंपति ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चे के लिए विमान परिचालक से सहायता मांगी तो उन्होंने कहा कि वे बच्चे को बेहोश हो जाने के बाद ही वे उनकी सहायता कर सकते हैं।
सोमवार की हुई यह घटना एयर इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अश्विनी लोहानी के दो दिन पहले के उस वादे को भी गलत साबित करती है जिसमें उन्होंने कहा था कि, " एयर इंडिया हमेशा यात्रियों के लिए सुखद अनुभव रहा है"।
दिल्ली निवासी हेमंत बरार और एम शाह ने भी इसे लेकर विमान प्रबंधन और डीजीसीए से इसकी शिकायत की हैं। एयर इंडिया के एक क्रू सदस्य ने बताया कि बोइंग 747 में इस तरह की शिकायतें आए दिन आती रहती हैं। ये विमान आजकल न्यूनतम उपकरण पर उड़ान भर रहे हैं।