वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते दुनिया के विभिन्न देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को देश वापस लाने के लिए भारत सरकार ने वंदे भारत मिशन शुरू किया है। इस मिशन में एयर इंडिया विमानों से भारतीयों को वापस ला रही है। बेहद संक्रामक कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के बावजूद इस अभियान में नियुक्त किए एयर इंडिया के क्रू का कहना है कि उन्हें कोरोना वायरस का डर नहीं है बल्कि इस बात का गर्व है कि उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिला है।
वंदे भारत मिशन के तहत पहला विमान गुरुवार रात को अबुधाबी से कोच्चि आया था। इसमें 181 नागरिक आए थे। इसके बाद दूसरा विमान दुबई से कोझिकोड पहुंची थी, जिसमें 182 लोग लाए गए थे। वहीं, शुक्रवार को पहला विमान सिंगापुर से 234 भारतीयों को लेकर नई दिल्ली पहुंचा और दूसरा विमान बांग्लादेश के ढाका से 167 मेडिकल के छात्र-छात्राओं को लेकर श्रीनगर पहुंचा। वहीं, रियाद से एक विमान कोझिकोड में आज रात 8.30 बजे लैंड करेगा। बहरीन से आने वाला एक विमान रात 11.30 बजे कोच्चि में लैंड करेगा और दुबई से आने वाला विमान चेन्नई में रात 8.10 बजे पहुंचेगा।
भारत वंदे भारत मिशन के दूसरे चरण के तहत 15 मई से मध्य एशिया के साथ ही विभिन्न यूरोपीय देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि भारत अगले सप्ताह अपने इस मिशन का विस्तार करेगा ताकि कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, रूस, जर्मनी, स्पेन और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा सके। उन्होंने बताया कि मिशन के पहले चरण में सात मई से 15 मई के बीच 12 देशों से लगभग 15,000 लोगों की वापसी होगी। इसके लिए 64 उड़ानों का संचालन होगा।