घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया का विनिवेश किया जाएगा। केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के इससे संबंधित प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की सैद्घांतिक सहमति मिल गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया।
बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि सरकार एयर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाएगा। समिति ही विनिवेश का टाइम लाइन और प्रक्रिया तय करेगी।
गौरतलब है कि एयर इंडिया के बढ़ते घाटे को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। यह फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि तमाम कोशिशों के बावजूद एयर इंडिया की आर्थिक हालत में सुधार नहीं हो पाया था।
इससे पहले जेटली कई बार कह चुके हैं कि देश के करीब 85 फीसदी यात्री निजी विमानन कंपनी में सफर करते हैं। इसलिए शत प्रतिशत लोग भी सफर करें तो कोई दिक्कत नहीं होगी।