मुंबई एयरपोर्ट पर एक महिला के हाथों से उसका 10 महीने का बच्चा नीचे गिर गया। लेकिन वहां मौजूद एयर होस्टोस ने उसकी जान बचा ली। पिछले महीने हुई इस घटना की जानकारी गुलाफा शेख नाम की महिला ने पत्र लिखकर दी। जेट एयरवेज को लिखे पत्र में शेख ने एयर होस्टोस की जमकर सराहना की है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि जब वह मुंबई से अहमदाबाद के लिए जा रही थीं तो सुरक्षा जांच के दौरान अचानक उनका दस महीने का बच्चा उनकी गोद से गिर गया। लेकिन वहां मौजूद एयर होस्टेस मिंताशी वैद्य ने छलांग लगाकर बच्चे को बचा लिया। इस दौरान उसकी नाक पर चोट भी आ गई।
पत्र मिलने के बाद एयर लाइंस कंपनी ने मितांशी की पहचान उजागर करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि एयरहोस्टेस उनके साथ सेवा में है। बच्चे की मां शेख ने पत्र में मितांशी को धन्यवाद कहते हुए देवदूत करार दिया। जेट एयरवेज ने मितांशी के कार्य की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने चेहरे पर निशान की भी फिक्र नहीं की, जबकि चोट लगने से उनकी नौकरी प्रभावित हो सकती थी। एयरलाइंस कंपनी ने कहा, उन्हें गर्व है कि मितांशी उनके केबिन क्रू मेंबर के तौर पर जून 2016 से काम कर रही हैं। वह बोइंग 737 एयरक्राफ्ट के लिए ट्रेंड हैं।
बच्चे की मां ने पत्र में आगे कहा कि उन्होंने एयर होस्टेस का फोन नंबर भी मांगा था पर उसने मुस्कुराते हुए कहा कि वह नंबर नहीं दे सकती क्योंकि यह कंपनी पॉलिसी के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उन्हें 14 साल बाद बेटा हुआ था जिसकी जान एयर होसेटेस ने बचाई। उन्होंने उसे देव कन्या कहा। वहीं जेट अफसर का कहना है कि मितांशी जूडो की ट्रेनिंग ले रही हैं और वह नृत्य और संगीत में भी रुचि रखने वाली भावक लड़की हैं।