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शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा: एयरफोर्स वन से कितना अलग है जिनपिंग का विशेष विमान, जानिए क्या है इसकी खासियत

Wed, 23 Sep 2026 04:42 PM IST
संकल्प प्रकाश सिंह स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका की यात्रा से पहले शी जिनपिंग का विशेष विमान काफी चर्चा में है। आखिर यह प्लेन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एयरफोर्स वन विमान से कितना अलग है? आइए जानते हैं
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China Special Plane Vs America Air Force One - फोटो : Amar Ujala AI Generated
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विस्तार
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर के बीच अमेरिकी दौरे पर रहेंगे। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि किसी देश का राष्ट्रपति जब विदेश यात्रा पर निकलता है, तो दुनिया की नजर सिर्फ उसके स्वागत समारोह पर नहीं होती। जिस विमान से वह दूसरे देश में पहुंचता है, वह भी उस देश की ताकत, तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की झलक देता है। अमेरिका की बात करें तो वहां यह भूमिका एयर फोर्स वन निभाता है, जो दुनिया के सबसे लोकप्रिय विमानों में से एक है।

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आज चीन के राष्ट्रपति अमेरिका पहुंचेंगे। ऐसे में उनके विमान को लेकर भी खूब चर्चाएं हो रही हैं। चीनी राष्ट्रपति भी अपनी लंबी विदेश यात्राओं के लिए एक बेहद खास विमान से सफर करते हैं। इसे विशेष विमान कहा जाता है। खास बात यह है कि दोनों देशों के राष्ट्रपति की यात्राओं में बोइंग 747 फैमिली के विमान ही इस्तेमाल होते हैं। वहीं दोनों देशों ने राष्ट्रपति की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर प्लेन को बिल्कुल अलग ढंग से डिजाइन किया है। अमेरिका के पास राष्ट्रपति के लिए पूरी तरह से एक खास विमान है। शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान एयर चाइना के बेड़े से लिए जाते हैं और राष्ट्रपति की यात्रा के लिए उन्हें विशेष रूप से तैयार किया जाता है।

अमेरिका का एयरफोर्स वन

सबसे पहले बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान की करते हैं। एयर फोर्स वन को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास विमान के रूप में जाना जाता है। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि तकनीकी रूप से यह अमेरिकी वायुसेना का कॉल साइन है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति वायुसेना के किसी विमान में सवार होते हैं, तो उस विमान को एयर फोर्स वन कहा जाता है। हालांकि, आम तौर पर यह नाम दो विशेष बोइंग 747-200बी विमानों के लिए इस्तेमाल होता है। इनका सैन्य नाम वीसी-25ए है और इनके टेल नंबर 28000 और 29000 हैं।

राष्ट्रपति के लिए चलता-फिरता दफ्तर है एयर फोर्स वन

एयर फोर्स वन को सामान्य पैसेंजर प्लेन की तरह नहीं बनाया गया है। इसको खासतौर पर राष्ट्रपति की जरूरतों और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें उनके लिए अलग कमरा, ऑफिस, बैठक और आराम की सुविधाएं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और पत्रकारों के लिए भी अलग जगह मौजूद है। विमान में एडवांस्ड मेडिकल सुविधाएं भी हैं। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक इसमें दो रसोईघर हैं, जो एक समय में बड़ी संख्या में भोजन तैयार कर सकते हैं। इस प्लेन का मुख्य काम ही राष्ट्रपति को लंबी यात्रा के दौरान भी जरूरी सरकारी काम जारी रखने की सुविधा देना है।

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China Special Plane Vs America Air Force One - फोटो : Amar Ujala AI Generated
राष्ट्रपति की विदेश यात्रा केवल कुछ घंटे की औपचारिक यात्रा नहीं होती है। सफर के दौरान उन्हें अधिकारियों से बातचीत करनी पड़ सकती है, जरूरी फैसले लेने पड़ सकते हैं या किसी अचानक पैदा हुई अंतरराष्ट्रीय समस्या की स्थिति में कोई बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं। इस कारण एयर फोर्स वन में सुरक्षित कम्यूनिकेशन सिस्टम का होना काफी जरूरी है। विमान में ऐसे एन्क्रिप्टेड कम्यूनिकेशन सिस्टम मौजूद हैं, जिनकी मदद से राष्ट्रपति यात्रा के दौरान दुनिया में कहीं भी किसी से बात कर सकते हैं।

इस प्लेन में आसमान में उड़ते-उड़ते ही ईंधन भरा जा सकता है। इस कारण जरूरत पड़ने पर यह विमान लंबे समय तक आसमान में रह सकता है। सबसे खास बात इस विमान को परमाणु विस्फोट के समय पैदा होने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) से बचाने के लिए भारी शील्डिंग और विशेष तारों से लैस किया गया है। इसके अलावा यह विमान दुश्मन के रडार को जाम करने और मिसाइलों को भटकाने में भी सक्षम है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एयर फोर्स वन करीब 70.7 मीटर लंबा है और इसके पंखों का फैलाव 59.6 मीटर है। इसमें चार इंजन लगे हैं, जिनमें से हर इंजन करीब 56,700 पाउंड थ्रस्ट पैदा करता है। यह विमान करीब 12,550 किलोमीटर तक उड़ सकता है और जरूरत पड़ने पर हवा में ही ईंधन भर सकता है। इसकी अधिकतम गति करीब 1,013 किलोमीटर प्रति घंटा है।

अब चीन के विशेष विमान की बात करते हैं

शी जिनपिंग की विदेश यात्राओं के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान एयर चाइना के बेड़े से लिए जाते हैं। इस प्लेन का नाम बोइंग 747-8 है। विमान में सैटेलाइट बेस्ड कम्यूनिकेशन सिस्टम होने की बात कही जाती है। इसके जरिए शी विदेश में रहते हुए भी बीजिंग में मौजूद सरकारी और सैन्य नेतृत्व के संपर्क में रह सकते हैं।

इस विमान की सुरक्षा को लेकर भी कई रिपोर्टें सामने आई हैं। इनमें खतरे की पहचान करने वाले उपकरणों, मिसाइल से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिरोधी प्रणालियों और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स यानी ईएमपी से सुरक्षा जैसी क्षमताओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन प्रणालियों की वास्तविक क्षमता और तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं हैं। गौर करने वाली बात है कि विमान के अंदरूनी हिस्से की पूरी जानकारी भी गोपनीय रखी जाती है।

बोइंग 747-8 की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

इस विमान की लंबाई करीब 76 मीटर की है। वहीं इसके पंखों का फैलाव करीब 68 मीटर है। इस विमान में कुल 4 इंजन लगे हैं। इस विमान का हर इंजन करीब 66,500 पाउंड का थ्रस्ट जनरेट करता है। वहीं अगर बात इसके अधिकतम टेकऑफ वजन की करें, तो यह करीब 4,47,700 किलोग्राम है। यह विमान बिना ईंधन भरे करीब 14,000 किलोमीटर का सफर कर सकता है। वहीं इसकी क्रूज स्पीड करीब 900 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह विमान अधिकतम 43,000 फीट तक उड़ सकता है।  

अंत में अगर दोनों विमानों की तुलना करें, तो साफ है कि अमेरिका और चीन ने अपने-अपने राष्ट्रपति के विमान को अपनी जरूरतों और सुरक्षा व्यवस्था के हिसाब से तैयार किया है। एयर फोर्स वन को जहां एक उड़ते हुए कमांड सेंटर और राष्ट्रपति के लिए चलते-फिरते दफ्तर के तौर पर विकसित किया गया है। वहीं शी जिनपिंग का विशेष विमान भी लंबी विदेश यात्राओं के दौरान संचार, सुरक्षा और सरकारी कामकाज को ध्यान में रखकर बनाया गया है। हालांकि, चीन के विमान की कई सुरक्षा क्षमताओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं है। इसलिए दोनों विमानों की वास्तविक सुरक्षा क्षमता की पूरी तुलना करना आसान नहीं है।
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